मुलायम सिंह ने जब से अखिलेश यादव को 2017 के चुनाव के लिए चेहरा बनाने से इन्कार किया है, तब से ये मुद्दा सुर्खियों में हैं। आज समाजवादी पार्टी की तरफ से एक प्रेस कांफ्रेंस में ये घोषणा कर दी गई कि अखिलेश यादव ही 2017 के चुनाव में सीएम पद के लिए सपा का चेहरा होंगे।
ये घोषणा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने की। किरन ने कहा कि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के नाते मैं ये बात कह रहा हूं और इस बात पर पूरी पार्टी सहित नेता जी की भी सहमति है। उन्होंने मुलायम सिंह के बयान के बारे कहा कि उन्होंने प्रक्रिया के तहत वो बात कही थी।
किरनमय नंदा ने कहा कि किसी भी पार्टी के पास अखिलेश जैसा चेहरा नहीं है। उन्होंने कहा कि 2012 में भी संसदीय बोर्ड ने अखिलेश का चुनाव किया था। उन्होंने बताया कि मुलायम संदेश यात्रा का तीसरा चरण 10 तारीख को वाराणसी से शुरू होगा।
रामगोपाल ने लिखी थी चिट्ठी
रामगोपाल यादव
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बता दें कि बीते दिनों एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह ने कहा था कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला तो विधायक मंडल दल मुख्यमंत्री का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा था, यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, संसदीय बोर्ड और हम तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा?
मुलायम सिंह के इस बयान के बाद सीएम अखिलेश ने काफी सधा हुआ बयान दिया था और कहा था कि नेता जी अनुभवी और बड़े नेता हैं उन्होंने ये बाद कुछ सोचकर ही कही होगी।
वहीं शनिवार को रामगोपाल यादव ने मुलायम के बयान पर उन्हें पत्र लिखकर तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। पत्र में रामगोपाल ने यहां तक कह दिया था कि सीएम अखिलेश निर्विवाद रूप से प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं।
पिछले दिनों जो कुछ हुआ है, उससे पार्टी का मतदाता निराश और हताश है। अब तो उसमें नेतृत्व के प्रति आक्रोश पैदा हो रहा है। स्थिति यह बन गई है कि यदि मतदाता को अहसास हो जाएगा कि कोई प्रत्याशी मुख्यमंत्री विरोधी है तो वह विधानसभा का मुंह नहीं देख पाएगा।