हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति की मांग को लेकर टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की।
लक्ष्मण मेला मैदान पर अनशन कर रहे टीईटी पास अभ्यर्थियों से मुख्यमंत्री ने अनशन खत्म करने के लिए तो कहा लेकिन काउंसलिंग व नियुक्ति के मामले में कोई आश्वासन नहीं दिया।
इस पर अभ्यर्थियों ने बुधवार को भी अनशन जारी रखा। इस दौरान कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ती रही और साथी उन्हें अस्पताल पहुंचाते रहे।
अभ्यर्थी गणेश शंकर दीक्षित ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात में सकारात्मक संकेत तो मिला लेकिन आश्वासन नहीं।
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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जब पार्टी कार्यालय में बैठक से बाहर आए तो उनसे वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने बिना कोई आश्वासन बगैर पहले अनशन खत्म करने को कहा।
गणेश ने बताया कि सीएम के वहां से जाने के बाद अन्य सपा नेताओं से भी अनशनकारियों की बातचीत हुई। उन्होंने कहा, सरकार काउंसलिंग की तिथि तय कर दे, टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अनशन से हट जाएंगे।
राष्ट्रपति से मांगी इच्छा मृत्यु
लक्ष्मण मेला मैदान में अनशन पर बैठे अवनीश व अन्य टीईटी अभ्यर्थियों का कहना है कि तिल-तिल कर मरने से अच्छा है कि राष्ट्रपति उन्हें व उनके साथियों को इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दें।
उन्होंने कहा, हाईकोर्ट के आदेशानुसार अगर 72825 टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे और उनके साथी आत्मदाह करेंगे।
शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी
राज्य सरकार ने परिषदीय स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुज्ञा याचिका (एसएलपी) बुधवार को दाखिल कर दी है। एसएलपी पर निर्णय आने के बाद ही अब शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाएगी।