शैक्षणिक कर्मचारियों को सरकार ने तोहफा दे दिया है। काफी समय से सुनिश्चित कॅरिअर प्रोन्नयन (एसीपी) में संशोधन की मांग कर रहे कर्मचारियों को सरकार ने 10, 16 व 26 वर्ष में इसका लाभ देने का आदेश जारी कर दिया।
पहले यह लाभ 10, 18 व 26 वर्ष में मिलता था। साथ ही पहले के शासनादेश में जो त्रुटियां थीं उन्हें भी दूर कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से करीब 80 हजार शैक्षणिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
इस संशोधन के साथ ही ग्रेड वेतन 1900 के बाद अगला ग्रेड वेतन 2400 रुपये माना जाएगा। नए शासनादेश में 2000 रुपये ग्रेड वेतन को इग्नोर कर दिया गया है।
साथ ही एसीपी के लिए पद की धारिता शब्द को भी खत्म कर दिया गया है। अब सेवा के 10 साल बाद पहला एसीपी का लाभ मिलेगा।
इसके बाद छह वर्ष या कुल सेवा के 16 वर्ष बाद दूसरा लाभ मिलेगा। तीसरा एसीपी का लाभ इसके बाद की 10 वर्ष की निरंतर सेवा या कुल सेवा का 26 वर्ष पूरा करने के बाद मिलेगा।
नए शासनादेश के अनुसार यदि किसी कार्मिक की प्रोन्नति पहली एसीपी मिलने से पहले या बाद में होती है तो प्रोन्नति की तिथि से छह वर्ष की सेवा पूर्ण कर लेने पर उन्हें अगला ग्रेड वेतन दूसरे एसीपी के रूप में दिया जाएगा।
सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि यदि किसी कर्मचारी को पूर्व की व्यवस्था के तहत 14 वर्ष की सेवा पर पहला एसीपी का लाभ मिला हो तो उन्हें यह लाभ मिलने की तिथि के दो वर्ष की सेवा के बाद दूसरा एसीपी का लाभ दे दिया जाएगा।
प्रमुख सचिव वित्त आनंद मिश्र की ओर से इसके औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। यह लाभ सभी सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगा।
इस निर्णय के बाद अब राज्य कर्मचारियों को भी एसीपी के संशोधन की आस बढ़ गई है। राज्य कर्मचारियों के लिए सरकार को अलग से आदेश जारी करना होगा।
कहां-कहां मिलेगा लाभ
बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, अरबी मदरसे, सहायता प्राप्त महाविद्यालय, मेडिकल विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय, कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आदि के शैक्षणिक कर्मचारी लाभ पा सकेंगे।