सीएम अखिलेश यादव और उनके मंत्रियों के तेवर लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद भी बदलते नहीं दिख रहे हैं।
बदायूं में हुए गैंगरेप और हत्या का सवाल उनके सामने आया तो वे मीडिया पर ही बिफर गए। उन्होंने मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया पर निशाना साधा।
सीएम ने कहा कि मीडिया कवरेज में लगातार यूपी के साथ ज्यादती हो रही है। अखिलेश ने कहा कि देश में हर तरफ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन खबरें सिर्फ यूपी की दिखाई जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गूगल हर प्रदेश के आंकड़े दे सकता है, लेकिन निशाना सिर्फ हमें बनाया जा रहा है। अखिलेश ने यह भी कहा कि बंगलुरू और मध्य प्रदेश की घटनाओं को कोई नहीं दिखाना चाहता।
बिजली पर दिया दो टूक जवाब
अखिलेश ने भी अपने पिता मुलायम सिंह यादव के अंदाज में कहा कि यूपी की जनता ने जो जनादेश दिया है, उसका ही नतीजा है कि सूबे में 16 घंटे भी बिजली नहीं दी जा पा रही है।
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि ये चालू लोग हैं। अखिलेश ने बताया कि भाजपा के नेता उनसे मिलने आए तो उन्होंने उनके सुझाव मान लिए।
हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं से कहा कि केंद्र से कहिए कि वे कम से कम यूपी का कोटा तो दे दें। अखिलेश ने यहां तक कह दिया कि जब तक केंद्र कोटा नहीं देता, हम बिजली कहां से दें।
अलिखेश ने यह भी कहा, 'केंद्र एक साल के लिए हमें कोयला उधार ही दे दे, हम उसे 2016 में लौटा देंगे। तब तक यहां कई बिजली परियोजनाएं शुरू हो जाएंगी।'
कैबिनेट के अहम फैसले
अखिलेश ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान कई अहम और बड़े फैसले लिए।
प्रदेश में नई तबादला नीति को भी मंजूरी दे दी जो मंगलवार से ही लागू भी हो गई है। अब मंत्री और एचओडी 10 फीसदी तबादले कर सकेंगे।
इसके अलावा, सूत्रों के मुताबिक महंगाई कम करने के लिए भी कुछ रिजर्व फंड बनाने की योजना को मंजूरी मिली है। खबर यह भी आ रही है कि संभवतः यूपी सरकार ने लैपटॉप वितरण योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।