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यूपी में क्यों है बत्ती गुल, यहां पढ़िए

Tue, 03 Jun 2014 02:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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एक तरफ पूरे प्रदेश में बिजली कटौती से हाहाकार मचा है वहीं, दूसरी ओर ऐसी स्थिति में छह बड़े बिजली प्लांट बंद होने की कगार पर हैं।
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, तीन औरैय्या और तीन दादरी के इन बिजलीघरों की हालत ठीक नहीं है और ये कभी भी बंद हो सकते हैं।

इन छहों बिजलीघरों की उत्पादन क्षमता 800 मेगावाट आसपास है। नॉदर्न रीजन लोड डिस्पैच सेंटर के मुताबिक, ये सभी बिजलीघर एनटीपीसी की देख-रेख में हैं।
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कितनी है क्षमता

औरैय्या के तीनों यूनिट नंबर 1,2,5 की क्षमता 111 मेगावाट, 111 मेगावाट और 109 मेगावाट की है। उसी तरह दादरी के तीनों यूनिट की क्षमता 130 मेगावाट, 130 मेगावाट और 154 मेगावाट है।

यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के मैनेजिंग डायरेक्टर ए.पी मिश्रा के मुताबिक, ये यूनिट्स उत्पादित हुई बिजली का मूल्य वहन नहीं कर सकती हैं। इस समय कॉस्ट रेंज 10-13 रुपए प्रति यूनिट के बीच है, जिसे वहन करना इनके लिए मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि इनसे उत्पादित बिजली से कहीं सस्ता है कि हम बाहर से ‌बिजली लें।
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केंद्र और राज्य सरकार में चल रहा 'बिजली बवाल'

इन दिनों प्रदेश में बिजली किल्लत से लोग परेशान हैं। और तो और राज्य व केंद्र सरकार के बीच भी 'बिजली युद्ध' चल रहा है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि प्रदेश में बिजली संकट को देखते हुए केंद्र सरकार को भी राज्य सरकार के साथ सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने केंद्र सरकार से बिजलीघरों को कोयले की आपूर्ति सामान्य कराने और यूपी को निर्धारित कोटे की पूरी बिजली उपलब्ध कराने में सहयोग मांगा है।
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