पत्रकार वार्ता करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
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प्रदेश सरकार तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष किसानों में तिलहन स्पेशल कार्यक्रम के अंतर्गत 7281 क्विंटल बीज का निशुल्क वितरण कराएगी। इसे 2.2 किलोग्राम की मिनी किट के रूप में वितरित किया जाएगा। इस कार्य पर 473.29 करोड़ रुपये खर्च आएगा। यह जानकारी प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों को दी। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 13वीं पंचवर्षीय योजनांतर्गत किसानों की आय को दोगुना करने लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
केंद्र ने देश में तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत तिलहन स्पेशल कार्यक्रम में 7281 क्विंटल तिलहन बीज वितरण को मंजूरी दी है। इस कार्यक्रम से 5.82 लाख क्विंटल राई-सरसों का अधिक उत्पादन हो सकेगा। इससे किसानों को 15 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त लाभ होगा। शाही ने बताया कि विशेष योजना के अंतर्गत 3.50 लाख किसानों को लाभान्वित किया जा सकेगा और 1.40 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर तिलहन की खेती को बढ़ाई जा सकेगी। सरसों-राई का उत्पादन बढ़ाने का यह कार्यक्रम प्रदेश के 70 जिलों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत संचालित होगा।
इसी तरह पूर्व से संचालित तिलहन मिनी किट प्रोग्राम के अंतर्गत प्रदेश में 2500 क्विंटल बीज का वितरण होगा। इसे 2.2 किग्रा की 1.25 लाख मिनी किट के रूप में निशुल्क वितरित कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में सामान्य, लघु व सीमांत किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। बीज वितरण कार्यक्रम प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर संचालित होगा। इसके लाभ के इच्छुक किसानों को किसान पारदर्शी पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
30 प्रतिशत महिलाओं, 33 प्रतिशत लघु-सीमांत किसानों को अवसर
मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत 30 प्रतिशत महिला किसानों व 33 प्रतिशत लघु व सीमांत किसानों को बीज वितरित किए जाने का प्रयास किया जाएगा। अनुसूचित जाति-जनजाति के किसानों को योजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा संख्या में लाभान्वित किए जाने का प्रयास है।
बीज ग्राम योजना में 1.20 लाख क्विंटल गेहूं बीज बंटेगा
मंत्री ने बताया कि बीज ग्राम योजना के अंतर्गत 1.20 लाख क्विंटल गेहूं का बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों की कृषि लागत में कमी लाने और आय में वृद्धि के उद्देश्य से सरकार ने किसानों के निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति के लिए अगस्त, सितंबर व अक्टूबर महीने के लिए 375 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी जारी कर दी है।