137 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा लग्जरी फ्लैटों में गिना जाने वाला पारिजात अपार्टमेंट का निर्माण पिछले 12 सालों में पूरा ही नहीं हो पाया। पार्किंग में सीवर जमा होने जैसी दिक्कतें यहां बनी हुई हैं। एलडीए अधिकारियों से लगातार आश्वासन लेकर थक चुके आवंटियों ने रविवार को एलडीए की शवयात्रा निकाली। सृष्टि अपार्टमेंट के आवंटी भी इस प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
पारिजात वेलफेयर सोसाइटी के सचिव समर विजय सिंह का कहना है कि एलडीए के तमाम अधिकारियों से हम समस्याओं को लेकर मिल चुके हैं। जिम्मेदारों के नाम और चेहरे बदल जाते हैं। आश्वासन वही रहते हैं। हमारी समस्याएं वहीं रहती हैं। 2009 में प्रोजेक्ट लॉन्च के समय इंदु प्रोजेक्ट्स को बड़ी कंपनी बताते हुए काम दिया गया। यह कंपनी काम बंद कर भाग गई। इसके बाद एलडीए ने 2018 में तीन नई कंपनियों को काम पूरा करने के लिए सौंप दिया। उस समय बताया गया कि छह महीने में काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद से हम लगातार काम पूरा कराने के लिए मांग करते रहे हैं। यहां कब्जा भी इस बीच एलडीए ने देना शुरू कर दिया जिससे रेरा में जुर्माना से बचा जा सके। खुद ही मनमाने तरीके से पूर्णता प्रमाण पत्र भी जारी कर लिया गया जिसको भी आवंटियों ने चुनौती दी हुई।
पार्किंग में भरा सीवर, कैसे होगा आवंटन
प्रदर्शन करने वाले आवंटियों का कहना है कि 406 में से 385 फ्लैट यहां आवंटित हैं। इसके बाद भी एलडीए ने पार्किंग का आवंटन नहीं किया। अब लॉटरी कराए जाने की सूचना मिली है जोकि 13 जुलाई को होनी है। मौके पर हालात यह हैं कि बेसमेंट पार्किंग में सीवर भरा हुआ है। पार्किंग के नंबर तक डाले नहीं गए हैं। केवल कागज पर आवंटन किया जा रहा है जोकि आवंटियों के लिए नई मुसीबत खड़ी करेगा।
88 परिवार अपार्टमेंट में रह रहे
पारिजात अपार्टमेंट में अधूरे काम और चालू सिविल वर्क के बीच 88 परिवारों ने रहना भी शुरू कर दिया है। समर विजय सिंह ने बताया कि आए दिन यहां लिफ्ट खराब होने, पावर बैकअप नहीं मिलने जैसी दिक्कत बनी रहती हैं। ठेकेदार के लोग मनमानी करते हैं। ऐसे में असुरक्षा बनी रहती है। आज भी 40 फीसदी आवंटियों को कब्जा नहीं मिल सका है।
पावर बैकअप तक फ्लैटों में नहीं मिला
सृष्टि अपार्टमेंट के आवंटी और आरडब्ल्यूए के सचिव विवेक शर्मा का कहना है कि 2009 में 520 फ्लैटों की योजना लॉन्च हुई। आज लगभग 200 परिवार यहां निवास कर रहें हैं। कई निर्माण कार्य अपूर्ण ही हैं। यहां मार्ग कंस्ट्रक्शन काम कर रही थी, जिसने काम बंद कर दिया। इसके बाद जिन ठेकेदारों ने काम पूरा करने के लिए टेंडर लिया। उन्होंने घटिया निर्माण कराए। खुद 21 फरवरी को एलडीए वीसी अभिषेक प्रकाश यहां आए और जरूरी काम कराने का आदेश दिया। घटिया निर्माण की जांच के आदेश भी हुए। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। सीपेज के अलावा पानी की टंकियों के रिसाव की दिक्कत यहां है। पावर बैकअप तक फ्लैटों में नहीं दिया गया है।
पारिजात अपार्टमेंट की दिक्कतों को दूर करने के लिए प्राथमिकता पर काम हो रहा है। पार्किंग आवंटन की सालों पुरानी दिक्कत का हल निकाल लिया गया है। लिफ्ट के रखरखाव के लिए कार्यदायी कंपनी से वार्ता हो गई है। जरूरी रखरखाव के लिए फाइल भी बन गई है। जल्दी ही दिक्कतों का हल निकल जाएगा। पीएनजी कनेक्शन भी यहां जल्दी मिलना शुरू हो जाऐंगे। इसके लिए काम शुरू करा दिया गया है। अगर यहां संबंधित इंजीनियर ठेकेदारों से काम नहीं करा पा रहे हैं तो उनको भी बदलने पर विचार कर लिया जाएगा।
- अजय पंवार, अधिशासी अभियंता, एलडीए