स्वास्थ्य भवन में मंगलवार दोपहर निलंबित स्टेनो श्रीनिवास वर्मा ने अनुभाग-10 के प्रशासनिक अधिकारी शशांक वर्मा के कक्ष में फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। अचानक फायरिंग से प्रशासनिक अधिकारी और उनके सहकर्मी घबरा गए और अफरातफरी मच गई।
दो फायर के बाद पिस्टल में गोली फंसने से श्रीनिवास भागने लगा। इस पर कर्मचारियों ने उसे दबोच लिया और पिटाई कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कातिलाना हमले की प्राथमिकी दर्ज कर श्रीनिवास को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण गोरखपुर कार्यालय में कार्यरत श्रीनिवास अपने निलंबन से नाराज होकर घटना को अंजाम दिया।
अपर पुलिस अधीक्षक नगर पश्चिम विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि श्रीनिवास वर्मा दोपहर 1:30 बजे स्वास्थ्य भवन के तृतीय तल स्थित अनुभाग-10 के प्रशासनिक अधिकारी शशांक वर्मा के कक्ष में पहुंचा। शशांक, प्रधान सहायक मनेंद्र श्रीवास्तव के साथ खाना खाने जा रहे थे।
कक्ष में दाखिल होते ही श्रीनिवास ने उनसे निलंबन का सवाल किया। इस पर शशांक ने उसे निदेशक प्रशासन से संपर्क की सलाह देकर चलने लगे। इस पर श्रीनिवास ने पीछे से कॉलर पकड़ कर उन पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर उसने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी।
शोर व गोली चलने की आवाज पर कर्मचारी दौड़े। दो फायर के बाद पिस्टल में गोली फंसने पर श्रीनिवास गाली व धमकी देते हुए भागने लगा। इस पर कर्मचारियों ने उसे दबोच लिया और उसकी पिटाई की।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसके कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल, छह कारतूस व दो खोखा बरामद किया है। नाका के हरिनगर दुगावां निवासी शशांक वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ कातिलाना हमला, मारपीट, धमकी देने व शस्त्र अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कुशीनगर का रहने वाला है आरोपी
प्रशासनिक अधिकारी पर फायरिंग के आरोपी श्रीनिवास ने खुद को कुशीनगर के नेवुआ नौरंगिया थाने के जई छपरा का मूलनिवासी है। उसने बताया कि 2005 में पिस्टल खरीदी थी। उसकी पत्नी कांति देवी गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में नर्स है। बेटी एमबीबीएस और बेटा बीएससी का छात्र है।