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चारबाग में दिनदहाड़े गोलीकांड से हड़कंप, युवक पर झोंका फायर, तीन गोलियां लगी

Tue, 02 Jul 2019 08:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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वारदात स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
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भीड़भाड़ वाले इलाके चारबाग में जीआरपी चौकी के सामने दुस्साहसी बदमाशों ने मंगलवार दिनदहाड़े प्रॉपर्टी डीलर वीरेंद्र ठाकुर (42) पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर सनसनी फैला दी। वीरेंद्र की कमर में दो गोलियां लगी हैं। उन्हें गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। 

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उधर, सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच गोलियां चलने से अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। मौके का फायदा उठाकर बदमाश असलहा लहराते हुए भाग निकले। सूचना पर रेलवे के एडीजी, आईजी के साथ ही लखनऊ जोन के एडीजी और रेंज के आईजी समेत पुलिस के अन्य अफसरों ने घटनास्थल व अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। 

लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्णा ने बताया कि वीरेंद्र ठाकुर मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित ब्रह्मपुर बाजार के रहने वाले हैं और करीब छह साल से यहां पत्नी प्रियंका व तीन बच्चों के साथ निलमथा की शारदानगर कॉलोनी में रह रहे हैं। उनका एक ट्रक चलता है। वे प्रॉपर्टी का भी काम करते हैं। 

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मंगलवार सुबह वह पत्नी के साथ पंजाब नेशनल बैंक की सदर शाखा गए थे। वहां किसी का फोन आने के बाद वीरेंद्र ने पत्नी को बैंक में ही छोड़ दिया और चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंच गए। उस वक्त दोपहर के करीब एक बजे थे। उन्होंने दो महिलाओं को बाइक पर बैठाया और लखनऊ जंक्शन पर मेट्रो स्टेशन के सामने पहुंचे। 

स्टेशन के दूसरी तरफ ही जीआरपी की चौकी है। वीरेंद्र जैसे ही मेट्रो स्टेशन पहुंचे, पहले से वहां खड़े दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। दोनों के बीच झगड़ा हुआ और बदमाशों ने असलहे निकाल लिए। वीरेंद्र के साथ बाइक पर बैठी महिला ने बदमाशों को रोका लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। 

बदमाशों ने तीन गोलियां चलाईं जिसमें से दो वीरेंद्र को लगीं। वीरेंद्र बाइक छोड़कर पांच-छह कदम भागे और गिर पड़े। इस बीच गोलियां चलने से भगदड़ मच गई। वीरेंद्र को बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया जहां हालत गंभीर बताते हुए उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। पुलिस नाजायज संबंध, लेन-देन के विवाद, पुरानी रंजिश और अन्य वजहों को लेकर पड़ताल कर रही है।

खराब पड़े हैं सीसीटीवी कैमरे

चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे कई दिन से खराब पड़े हैं। जीआरपी सूत्रों का कहना है कि कैमरे अक्सर खराब रहते हैं। चार दिन पहले ही अधिकारियों ने कैमरों की रिपोर्ट मांगी थी। अगर कैमरे ठीक होते तो बदमाशों की पहचान कर उन्हें आसानी से पकड़ा जा सकता था।

कौन थी स्टेशन से आईं दो महिलाएं!
प्रॉपर्टी डीलर वीरेंद्र ठाकुर के पास किसका फोन आया था जो वह पत्नी को बैंक में ही छोड़कर स्टेशन आ गया। उसके साथ दो महिलाएं कौन थीं? गोली चलने के बाद महिलाएं कहां गईं? बदमाश उसका पहले से ही मेट्रो स्टेशन के बाहर इंतजार क्यों कर रहे थे? क्या उन्हें मालूम था कि वीरेंद्र ठाकुर वहां आने वाला है? उनकी बदमाशों से क्या दुश्मनी थी? वीरेंद्र को गोली क्यों मारी गई?

कहीं वीरेंद्र और बदमाशों के बीच महिलाओं को लेकर कोई विवाद तो नहीं था? इन भी सवालों का फिलहाल पुलिस जवाब नहीं तलाश सकी है। एडीजी का कहना है कि रेलवे और थाना पुलिस एक साथ काम कर रही है। जल्द ही सभी सवालों के जवाब मिलेंगे।

पत्नी को बताया, गोली मारने वाले का नाम!
गोली लगने के बाद वीरेंद्र ठाकुर ने पत्नी प्रियंका को कॉल की। उसने गोली मारे जाने की जानकारी दी तो प्रियंका के होश उड़ गए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि गोली मारने आए बदमाशों में से एक को वीरेंद्र अच्छी तरह से पहचानता है। उसने पत्नी को एक बदमाश का नाम भी बताया है।

घटना के बाद अधिकारियों से बातचीत के दौरान प्रियंका ने कई बार बदमाश का नाम बोलने की कोशिश की लेकिन वीरेंद्र ने दर्द का शोर मचाते हुए उसका ध्यान बंटा दिया। पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र और प्रियंका कुछ छिपा रहे हैं। फिलहाल वीरेंद्र के स्वस्थ होने के बाद ही उससे जानकारी ली जाएगी। इस बीच पुलिस अपने स्तर से सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। 

जीआरपी थाने के सामने से भागे हमलावर

गोलीबारी के बाद बाइक सवार बदमाश जीआरपी थाने के सामने से होते हुए भाग निकले। वह चारबाग स्टेशन के रिजर्वेशन सेंटर से होते हुए मुख्य सड़क पर आए और केकेसी कॉलेज की तरफ जाते हुए दिखे। इसके बाद उनकी लोकेशन नहीं मिली। एडीजी ने बताया कि नाका पुलिस केकेसी और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कुछ फुटेज में संदिग्ध बदमाश नजर आ रहे हैं जिनकी पुष्टि की जा रही है।

लाल रंग की बाइक, काली शर्ट और लाल टोपी की तलाश
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बदमाश लाल रंग की बाइक से आए थे। बाइक चला रहे बदमाश ने हेलमेट पहन रखा था जबकि पीछे बैठे उसके साथी ने काली शर्ट व लाल रंग की टोपी लगा रखी थी। बदमाशों के बारे में और जानकारियों के लिए पुलिस वीरेंद्र ठाकुर के होश में आने का इंतजार कर रही है।

बदमाशों ने किया अलग-अलग बोर के असलहों का इस्तेमाल
बदमाशों ने अलग-अलग बोर के असलहों का इस्तेमाल किया था। वीरेंद्र को एक गोली .312 बोर के असलहे से मारी गई। इस बोर के फायर से उसकी कमर में करीब 30 छर्रे लगे हैं। दूसरी गोली .315 बोर के असलहे से चली जो उसकी कमर के बाएं हिस्से में पेट के नीचे लगी। डॉक्टरों का कहना है कि .315 बोर के असलहे से मारी गई गोली उसके शरीर में फंसी है। उसे निकालने के लिए ऑपरेशन किया जा रहा है।
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एक-दूसरे का मुंह ताकती रही जीआरपी-आरपीएफ

बदमाश जब भाग रहे थे तो एक तरफ आरपीएफ के जवान खड़े थे तो दूसरी तरफ जीआरपी की चौकी थी। जीआरपी चौकी से पुलिसकर्मी भागकर घटनास्थल पहुंचे तब तक बदमाश भाग चुके थे। दरोगा पप्पू सिंह ने बाइक से बदमाशों का पीछा भी किया लेकिन उन्हें पकड़ नहीं सके। बदमाशों को पकड़ने को लेकर जीआरपी वालों ने आरपीएफ कर्मियों से सख्त आपत्ति भी जताई जिस पर दोनों के बीच बहस भी हुई।

गांव की युवती से प्रेम विवाद की रंजिश में तो नहीं हुआ हमला
वीरेंद्र ठाकुर ने अपने गांव की ही प्रियंका से प्रेम विवाह किया है। पुलिस को शक है कि कहीं प्रेम विवाह की वजह से तो उस पर हमला नहीं किया गया। उसने बिहार में साझेदारी में टेंट हाउस का कारोबार भी किया था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
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