लखीमपुर खीरी घटना पर यूपी के एडीजी एसएन सबत ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है। हमारे पास बहुत सारी तस्वीरें हैं और हमने मीडिया में दिया हुआ है कि अगर किसी के पास वास्तविक तस्वीर है तो वो हमें उपलब्ध कराएं ताकि वो तस्वीरें हमें जांच में काम आए।
वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र को लखीमपुर खीरी बवाल में जांच के लिए बुलाया जाएगा या नहीं? एडीजी लखनऊ जोन ने इस सवाल पर कुछ भी जवाब देने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं मामले की जांच पर कोई भी जवाब नहीं दे सकता।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है जिसमें वह किसानों को धमकाते हुए कह रहे हैं कि हम आपको दो मिनट के अंदर सुधार देंगे। मैं केवल मंत्री नहीं हूं, केवल सांसद नहीं हूं। सांसद बनने से पहले जो मेरे विषय में जानते होंगे उन्हें मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं। अगर चुनौती ले ली तो बलिया ही नहीं लखीमपुर खीरी तक से भागना पड़ जाएगा।
लखीमपुर खीरी मामले में अजय मिश्र के पुत्र आशीष मिश्रा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली गई है पर उनकी गिरफ्तारी न होने से किसानों में आक्रोश है। लखीमपुर खीरी कांड में सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा वितरित कर दिया है और मृतकों का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।