जेल से चुनाव प्रभावित करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। लगभग एक हजार ऐसे अपराधियों पर नजर है जो चुनाव में किसी न किसी तरह से दखल दे सकते हैं। ऐसे लोगों की विशेष निगरानी की जाएगी और इनकी हर कोशिश को नाकाम किया जाएगा। यह कहना है प्रदेश के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का।
रविवार को डीजीपी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रशांत कुमार ने बताया कि इस जेल में बंद अपराधियों पर भी नजर रखी जा रही है। जेलों में 2676 कैमरे लगाए गए हैं। 271 स्टेटिक जैमर लगाए गए हैं। जिला स्तर पर 275 और जेल स्तर पर 869 ऐसे अपराधियों को चिन्हित किया गया है, जो चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश जेल के अंदर रहते हुए कर सकते हैं।
प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव पारदर्शी व सकुशल कराने के लिए हम तैयार हैं। आदर्श आचार संहिता का पालन सख्ती से कराएंगे। 403 विधानसभा सीटों पर 92821 मतदान केंद्रों पर 174351 बूथ बनाए गए हैं। सभी मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराया जा चुका है। हर थाने पर एक अलग से चुनाव रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव को देखते हुए 30 सितंबर से अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान 5.80 लाख लीटर अवैध शराब, 1451 शराब भट्टी, 11690 किलो अवैध मादक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। अब तक 20262 मुकदमे कायम कर 21019 लोगों की गिरफ्तारी की गई है। इसी तरह अब तक 7744 अवैध शस्त्र, 58 अवैध शस्त्रों की फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस मामले में 5399 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 5441 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जमा कराए गए साढ़े तीन लाख से अधिक लाइसेंसी असलहे
प्रशांत कुमार ने बताया कि जिले स्तर पर स्क्रीनिंग कमेटी का गठन करते हुए 11 लाख 33 हजार 894 लाइसेंसी शस्त्रों में से 9 लाख 4 हजार 921 लाइसेंसी असलहों का सत्यापन कराया गया और 3 लाख 68 हजार 490 लाइसेंसी असलहों को जमा कराया गया है।
95 विधानसभा संवेदनशील
प्रदेश की 403 में से 95 विधानसभा को संवेदनशील घोषित किया गया है। यहां विशेष सतर्कता और निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा 33 ऐसी विधानसभाएं भी हैं जिन्हें खर्च के हिसाब से संवेदनशील घोषित किया गया है। 29138 क्रिटिकल बूथ बनाए गए हैं और 16237 अराजक तत्वों को चिन्हित उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
10 जिलों के 31 बूथों पर पहुंचने के लिए करनी पड़ेगी मशक्कत
10 जिलों के 31 बूथों पर पहुंचने के लिए मौजूदा अखिलेश सरकार को मशक्कत करनी पड़ेगी। यहां सड़क मार्क नहीं है। यह बूथ बिजनौर, जालौन, लखीमपुर खीरी, देवरिया, बस्ती, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती और बलिया जिले में हैं।
तकनीक का होगा भरपूर इस्तेमाल
चुनाव के दौरान 109 ड्रोन कैमरे, 168 रिवर बोट, 420 पोर्टेबिल सीसीटीवी कैमरे, 563 स्टिल कैमरे, 492 वीडियो कैमरे व 3573 बॉडी वार्न कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है।
चुनाव के लिए 225 कंपनी अर्ध सैनिक बल मिला, 500 कंपनी और मिलने की उम्मीद
प्रशांत कुमार ने बताया कि 150 कंपनी केंद्रीय अर्ध सैनिक बल मिल चुका है। 75 कंपनी 20 जनवरी को मिलेगी। उन्होने बताया कि चुनाव में कुल 700 कंपनी मिलने की उम्मीद है।
कोविड 19 को लेकर विशेष सतर्कता
प्रशांत कुमार ने बताया कि आयोग ने कोविड के नए वैरिएंट को देखते हुए रैली, रोड शो, व अन्य सामूहिक कार्यक्रम पर 15 जनवरी तक रोक है। फ्रंट लाइन वर्कर को बूस्टर डोज भी दिए जाने का प्रस्ताव है। आम लोगों को भी मास्क लगा कर ही निकलने के निर्देश दिए जा रहे हैं। बिना मास्क वालों का चालान किया जा रहा है। चुनाव में जिन पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगेगी उन्हें एंटी कोविड किट दी जाएगी। इसमें मास्क, सैनिटाइजर और ग्लब्स शामिल है।