मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार व भू-माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के एलान का सबसे बड़ा असर चकबंदी विभाग में नजर आया है। चकबंदी आयुक्त ने गंभीर आरोपों का सामना कर रहे प्रादेशिक चकबंदी अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम किशोर गुप्ता सहित तीन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है।
चकबंदी विभाग के अब तक 12 अधिकारी नप चुके हैं। कार्रवाई के दायरे में चकबंदी अधिकारी और सहायक चकबंदी अधिकारी आए हैं। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सात अक्षम अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई है तो तीन को बर्खास्त किया गया है।
दो को पदावनत का दंड मिला है। ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार के अंक में ही 50 पार के छह अफसरों को जबरन रिटायरमेंट देने, एक चकबंदी अधिकारी को पदावनत करने का खुलासा किया था। इसके साथ ही कई की बर्खास्तगी का संकेत भी मिला था।
मुख्य सचिव राजीव कुमार के निर्देश पर चकबंदी आयुक्त डॉ. रजनीश दुबे की अध्यक्षता में एक से अधिक बार लघु व बृहद दंड प्राप्त, 50 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले चकबंदी अधिकारियों तथा सहायक चकबंदी अधिकारियों की स्क्रीनिंग की गई थी।
इन्हें दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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प्रमोद कुमार त्रिपाठी, बंदोबस्त अधिकारी बांदा: अवैध धनराशि स्वीकार करने के ट्रैप केस (इटावा) में अनियमितताओं के लिए दोषी करार।
ओमकार नाथ, चकबंदी अधिकारी संतरविदास नगर : 27 अक्तूबर 2001 को चकबंदी अधिकारी के मूल वेतन पर वापस कर लघु दंड दिया गया था। 2011 में दो वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। 2016 से निलंबित चल रहे थे।
गिरीश कुमार द्विवेदी, सहायक चकबंदी अधिकारी उन्नाव: एक बृहद दंड, एक निंदा व तीन अलग-अलग बृहद दंड के खिलाफ राज्य लोक सेवा अधिकरण में याचिका विचाराधीन थी।
राजकुमार शर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी एटा : एक बृहद दंड और लघु दंड अंतिम तथा एक बृहद दंड के खिलाफ शासन में प्रत्यावेदन था।
वेद प्रकाश सिंह, सहायक चकबंदी अधिकारी बिजनौर : एक बृहद दंड तथा लघु दंड अंतिम। एक बृहद दंड व लघु दंड के विरुद्ध निर्देश याचिका के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर पर अपील भी नहीं की।
रमेश कुमार, सहायक चकबंदी अधिकारी बलिया : दो अलग-अलग बृहद व लघु दंड।
वीर विक्रम गौड़, सहायक चकबंदी अधिकारी सहारनपुर : तीन अलग-अलग बृहद व लघु दंड दिए गए थे।
इन्हें किया गया बर्खास्त
लखनऊ में तैनात चकबंदी अधिकारी राम किशोर गुप्ता, सहारनपुर में तैनात चकबंदी अधिकारी रामकेश कटियार व मुजफ्फरनगर में तैनात चकबंदी अधिकारी सचेंद्र बहादुर सिंह। गुप्ता के खिलाफ हरदोई के मामले में कार्रवाई की गई है। रामकेश कटियार व सचेंद्र बहादुर सिंह यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े मामले में कार्रवाई हुई है।
ये हुए पदावनत
अमरोहा में तैनात चकबंदी अधिकारी अजब सिंह तथा सहायक चकबंदी अधिकारी लक्ष्मीकांत सरोज को सहायक चकबंदी अधिकारी के प्रारंभिक मूल वेतन पर रिवर्ट कर दिया गया है। इनके खिलाफ भी यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े मामले में कार्रवाई की गई है।