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सरकारी पैसे पर मस्ती कर रहे थे अफसर, खुलासा करने पर ADG को मिली सजा

Mon, 30 Oct 2017 02:06 AM IST
सैयद यासिर रजा/अमर उजाला, लखनऊ
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जसवीर सिंह व सूर्य कुमार - फोटो : amar ujala
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भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अफसर ने आवाज बुलंद की तो बजाय कार्रवाई के, उसी अफसर का महत्वहीन पद पर तबादला कर दिया गया। ये अधिकारी हैं होमगार्ड विभाग में एडीजी रहे जसवीर सिंह। जसवीर ने विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के लिए होमगार्ड के कमांडेंट जनरल डॉ. सूर्य कुमार को इसी साल 20 सितंबर को एक पत्र लिखा था। इससे हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में जसवीर का ही तबादला कराने में विभागीय अफसर एकजुट हो गए। एक माह की मेहनत के बाद सरकार ने जसवीर को होमगार्ड विभाग से हटाकर रूल्स एवं मैन्युअल में एडीजी बना दिया।

कई पत्र लिखे, कार्रवाई फिर भी नहीं
जसवीर सिंह ने लिखा था कि विभाग में भ्रष्टाचार, अनुशासनहीनता और अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के कई मामले सामने आए हैं। इसमें तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करना जरूरी है। पूर्व में भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए जसवीर ने लिखा है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लगातार अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और मनमानी के बारे में 7 सितंबर, 15 सितंबर और 19 सितंबर को भी पत्र भेजा गया, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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विभाग के अधिकारी ही नहीं दे रहे थे जसवीर को सूचनाएं

- फोटो : amar ujala
जसवीर ने लिखा था, भ्रष्टाचार छिपाने की नियत से विभाग के कुछ अधिकारी उनको सूचनाएं उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। डीजी होमगार्ड की मौजूदगी में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा की गई अनुशासनहीनता का जिक्र करते हुए लिखा, आपके संज्ञान में होने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही कोई सुधार हुआ।

सरकारी गाड़ियों के आवंटन में मनमानी
डीजी को लिखे पत्र में जसवीर ने आरोप लगाया था कि कुछ अफसरों व व्यक्तियों को नियम दरकिनार कर बिना आदेश सरकारी गाड़ियां आवंटित कर दी गईं। गाड़ियों को ईंधन भी दिया जा रहा है। सरकारी सेवक का पद व सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग, आपराधिक दुराचरण व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

परिवहन शाखा में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि मुख्यालय के वाहन चालक कुछ अधिकारियों के परिवार का निजी वाहन चला रहे हैं। उन्होंने प्रमुख सचिव होमगार्ड के निजी सचिव शिवराम के बेटे की प्राइवेट गाड़ी पर सरकारी ड्राइवर राम प्रकाश मिश्र को लगाने का जिक्र भी किया। साथ ही कहा कि पर्याप्त संख्या में ड्राइवर होने के बावजूद क्लीनर विनय दूबे से गाड़ी चलवाई जा रही है। विनय पर आरोप लगाया है कि वह विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल राजभर का नाम लेकर अधिकारियों का ही स्थानांतरण कराने की धमकी देता है।
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