मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने पर गोंडा और मऊ के 4 थानाध्यक्ष और दो खनन निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही, तीन एसडीएम व सीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गोंडा में अवैध खनन पर कार्रवाई न करने पर कर्नलगंज के थानाध्यक्ष सदानंद, थाना उमरी बेगमगंज के थानाध्यक्ष मनोज राय, थाना नवाबगंज के थानाध्यक्ष वेद प्रकाश श्रीवास्तव व खनन निरीक्षक जितेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।
करनैलगंज के एसडीएम नन्हेलाल व सीओ कृष्णचंद्र सिंह, तरबगंज के एसडीएम अमरेश मौर्या व सीओ ब्रह्म सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। वहीं, मऊ के थाना सरायलखंसी के थानाध्यक्ष सुनील चंद्र तिवारी व जिले के खनन निरीक्षक वशिष्ठ यादव को निलंबित किया गया है। तहसील सदर के एसडीएम डॉ. राजेश कुमार व सीओ राजकुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
माफिया अवैध खनन में लगे रहे, आंखें मूंदे बैठे रहे अफसर
गोंडा और मऊ जिले में खनन माफिया अवैध बालू का खनन करते रहे, लेकिन विभागीय अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। वे आंखें मूंदे बैठे रहे। अफसरों की नाकामी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार थानाध्यक्षों और दो खनन निरीक्षकों को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोंडा के नरायनुर वली, माझा तरहर, राम नगर, नरायपुन ईंधा, मधईपुर कुर्मी, करनीपुर व कर्नलगंज क्षेत्र के स्थानीय लोग अवैध खनन की लगातार शिकायतें कर रहे थे। मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल तक पर शिकायतें की गईं, लेकिन अफसरों ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया कि सीएम योगी ने गोंडा के डीएम जितेंद्र बहादुर सिंह व एसपी उमेश कुमार सिंह तथा मऊ के डीएम ऋ षिरेंद्र कुमार व एसपी ललित कुमार सिंह को अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण न करने पर चेतावनी दी है।
गोंडा : खनन माफिया ने अफसरों से मिलीभगत कर बंजर कर दी जमीन
प्रतीकात्मक फोटो
गोंडा के तरबगंज व करनैलगंज तहसील क्षेत्र के अलावा सदर तहसील के करीब दो दर्जन स्थानों पर अवैध खनन का धंधा अफसरों के गठजोड़ से पिछले कई साल से चल रहा है। खनन माफिया को कुछ जनप्रतिनिधि भी मदद कर रहे थे, लेकिन अफसर सोए रहे।
नतीजा यह हुआ कि सरकार को कोई रॉयल्टी मिले बिना ही माफिया ने जिले की कीमती जमीन को बालू खनन कर न सिर्फ बंजर बना दिया बल्कि स्वच्छता को भी नुकसान पहुंचाया। लोगों की शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सीएम योगी ने मामले को खुद संज्ञान में लिया। सीएम ने दोषी पाए जाने पर शनिवार को बड़ी कार्रवाई की।
मऊ : सांसद ने अवैध खनन के वाहनों को पकड़वाया, पुलिस ने छोड़ा
मऊ जिले में तो सांसद हरि नारायण राजभर ने अवैध खनन के वाहन पकड़कर पुलिस को सौंप दिए, लेकिन शिकायत आई कि बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का फैसला किया। सांसद ने बताया कि अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उन्हें सीएम योगी से इसकी शिकायत करनी पड़ी।