पहले से ही भाजपा और बसपा के निशाने पर रही अखिलेश सरकार के सामने एक और दुश्मन आ गया है। जिससे सीएम की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
जी हां, मोहनलालगंज में एक महिला के साथ हुए अमानवीय कृत्य व हत्या से नाराज आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर धरना दिया। मतलब ये कि अब अखिलेश को भाजपा और कांग्रेस के साथ ही आप के सवालों का भी सामना करना पड़ेगा।
नाराज कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित एक ज्ञापन में चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे में घटना के दोषियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती तो आप कार्यकर्ता एकजुट हो मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
दूसरी तरफ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी शुक्रवार को मोहनलालगंज में घटनास्थल पहुंच वहां का निरीक्षण कर आस पास के ग्रामीणों से बातचीत कर मामले की विस्तार से जानकारी ली।
इसके बाद वापस लौटे प्रतिनिधिमंडल ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विजय बहादुर व शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव त्यागी की अगुवाई में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा।
इसमें मुख्य तौर पर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कराने, मृतक महिला के दोनों नाबालिग बच्चों के भरणपोषण व शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाए जाने की मांग शामिल थी।
सरकार को दिया 48 घंटे का वक्त
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता दोपहर बाद बद्री नारायण की अगुवाई में कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्रित हुए और राजधानी में बिगड़ती कानून व्यवस्था व मोहनलालगंज में महिला के अमानवीय कृत्य के बाद हुई नृशंस हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया।
मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेताया कि अगर 48 घंटे में मोहनलालगंज घटना के दोषियों को गिरफ्तार न किया गया तो इसके खिलाफ सीएम आवास के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का भी एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री के निर्देश पर शुक्रवार को मोहनलालगंज में घटना स्थल पर पहुंचा और मामले की अपने स्तर पर जांच पड़ताल की। वहां से वापस लौट एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंच कर राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।