बालिका की मौत हो गई व गृहस्थी जलकर राख हो गई।
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गोंडा जिले के करनैलगंज में छप्पर के घर में अचानक आग लगने से आठ वर्षीय बालिका जिंदा जल गई। रात के समय अज्ञात कारणों से छप्पर में आग लगी थी। घर के भीतर बालिका सो रही थी। वह भाग न सकी और आग की लपटों के बीच फंसकर जलने से उसकी मौत हो गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हादसा करनैलगंज कोतवाली अंतर्गत ग्राम सकरौरा गोड़ियन पुरवा सरयू नहान घाट का है। यहां के निवासी चांद बाबू का परिवार रहता था। वह भरण पोषण के लिए घर से बाहर जयपुर में रहकर मेहनत मजदूरी करता है। पत्नी रुबीना बेटी इनायत (10) व हिनाया (8) के साथ घर पर रह रही थी।
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बुधवार की शाम भोजन करने के बाद रुबीना दोनों बेटियों के साथ छप्पर के घर में सो गई। रात करीब 12 बजे के बाद उसके घर में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। जब तक वह कुछ समझ पाती तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
हल्ला मचाने पर आसपास के लोग दौड़े और आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। रुबीना के साथ उसकी 10 वर्षीय पुत्री इनायत को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया लेकिन हिनाया बाहर नहीं निकल पाई। आग की चपेट में आकर वह जिंदा जल गई।
रात में ही सभासद चंदन गौड़ ने इसकी सूचना पुलिस व दमकलकर्मियों को दी जिस पर मौके पर पहुंची पुलिस व दमकलकर्मियों के साथ ही ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया, तब तक चांद बाबू के घर में रखा सामान बाइक, ई रिक्शा, बक्सा, अलमारी, पांच क्विंटल गेहूं, चावल, सरसों व अलमारी में रखे 40 हजार रुपये, दो लाख के गहने, बर्तन व कपड़ा सहित पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। मौके पर पहुंचे कोतवाल निर्भय नारायण सिंह, चौकी प्रभारी आशीष कुमार वर्मा ने मामले की छानबीन की। बालिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।