सीएफओ विजय कुमार सिंह के मुताबिक दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का काम शुरू किया। लेकिन प्लास्टिक के सामान से गोदाम भरा होने के कारण काला धुआं निकल रहा था। जिसके कारण कर्मचारियों को आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि सूझबूझ से समय से आग पर काबू पा लिया गया। आशंका है कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। फिलहाल जांच के बाद आग लगने का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
धमाके व धुएं से इलाके में फैली दहशत
स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद आसपास का पूरे इलाके में काला धुआं फैल गया। आसपास के करीब तीन से चार किलोमीटर की दूरी से काले धुएं दिख रहे थे। आग लगने के चंद मिनटों में दो तेज धमाके हुए। जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वहीं धुएं के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दम घोंटू धुएं ने लोगों को काफी मुश्किल मे डाल दिया। प्रभारी निरीक्षक मड़ियांव मनोज कुमार सिंह केमुताबिक हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। पुलिस हर पहलुओं पर जांच कर रही है।
फैक्ट्री में नही था सुरक्षा का सामान
फैक्ट्री बिना मानकों के चल रही थी। फैक्ट्री में स्मोक डिटेक्टर अथवा फायर फाइटिंग के उपकरण नहीं थे। मानकों को ताख पर रखकर संचालक फैक्ट्री चला रहा था। इसके साथ ही फैक्ट्री में पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह के मुताबिक ने बताया कि जांच की जा रही है। फैक्ट्री संचालक को नोटिस देकर उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।