इकौना के महदेइया गांव निवासी एक विक्षिप्त युवक ने शुक्रवार सुबह अपने तीन बच्चों को कुल्हाड़ी से काट डाला। स्कूल जाने के लिए तैयार बच्चों का कुसूर सिर्फ इतना था कि वे दादी से चूरा की जिद कर रहे थे। दो मासूमों ने तो मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।
इस वारदात को अंजाम देने के बाद भी युवक के हाथ नहीं कांपे और वह कुल्हाड़ी लेकर पत्नी व एक अन्य पुत्र को मारने के लिए अपनी ससुराल के लिए निकल पड़ा। हालांकि, पुलिस ने उसे रास्ते में गिरफ्तार कर लिया। विक्षिप्त के पिता ने बेटे के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम महदेइया निवासी सियाराम मिश्रा (35) पुत्र उदयचंद्र मिश्रा एक साल से मानसिक बीमारी से पीड़ित है। सियाराम और उसकी पत्नी सरोज के चार बच्चे राजन (12), मोहनी (8), शालिनी (4) व साजन (2) हैं।
पत्नी ने साथ आने से कर दिया था इंकार
कुछ दिन पहले सरोज, साजन को लेकर अपने मायके गिलौला के नानकार चली गई थी। गुरुवार को सियाराम पत्नी को लेने के लिए ससुराल गया लेकिन सरोज ने आने से मना कर दिया। इस कारण वह काफी परेशान था।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे राजन, मोहिनी व शालिनी विद्यालय जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच तीनों अपनी दादी मंजू देवी से चूरा मांगने लगे। जब तक मंजू बच्चों को चूरा लाकर देती तब तक बच्चों की जिद देख सियाराम आपा खो बैठा। उसने पास ही रखी कुल्हाड़ी उठाई और बच्चों पर वार कर दिया।
शालिनी और मोहनी की मौके पर जान चली गई, जबकि गंभीर रूप से घायल राजन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बहराइच रेफर कर दिया लेकिन रास्ते में मोहिनीपुर के पास उसने भी दम तोड़ दिया।
पुलिस ने रास्ते में ही कर लिया गिरफ्तार
घटना के बाद सियाराम पत्नी सरोज व पुत्र साजन को मारने के लिए घर से कुल्हाड़ी व ट्रैक्टर लेकर नानकार के लिए चल दिया। ग्रामीणों की सूचना पर गिलौला के पास पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सियाराम के पिता उदयचंद्र की तहरीर पर इकौना पुलिस ने सियाराम के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल, एएसपी विजय पाल सिंह, सीओ भिनगा वीर सिंह व थानाध्यक्ष इकौना अवध नारायण यादव ने घटनास्थल का जायजा लिया है।