ठंड के मौसम में ही ठाकुरगंज में घुसा था तेंदुआ
करीब तीन साल पहले 13 जनवरी 2018 को ठाकुरगंज इलाके में तेंदुआ घुसा था। घनी आबादी में घुसने के कारण काफी दहशत फैल गई थी। इसी बीच अचानक तेंदुआ सेंट फ्रांसिस मूक बधिर स्कूल में घुस गया था, जहां बच्चे छात्रावास में रह रहे थे। बच्चों ने खुद को छात्रावास में कैद कर लिया था। छात्रावास में 60 बच्चे थे। तत्काल पुलिस को सूचना दी। वन विभाग के साथ प्राणि उद्यान की टीम ने करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद भी तेंदुआ नहीं मिला था।
तीन दिन की दहशत के बाद मार गिराया गया था तेंदुआ
आशियाना इलाके में भी 14 फरवरी 2018 को तेंदुआ घुसा था, जिसके कारण पूरा इलाका दहशत में था। पुलिस व वन विभाग की टीम लगी हुई थी। तीसरे दिन तेंदुआ एक घर में घुस गया। वन विभाग की टीम उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली थी। घर में घुसने की जानकारी होते ही आशियाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक त्रिलोकी सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। वह घर के अंदर से लोगों को बाहर निकाल रहे थे। इसी बीच किचन में घुसे तेंदुए ने हमला कर दिया। इंस्पेक्टर ने सर्विस पिस्तौल से फायर कर दिया, जिससे तेंदुआ घायल हो गया। घायल तेंदुए को वन विभाग की टीम ने किचन से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। तेंदुए की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे की भी मदद ली गई थी।