घाघरा नदी में पावन अवसर पर स्नान करते समय गहरे पानी में गए बेटे को बचाने के चक्कर में उसका पिता ही डूब गया। मौके पर मौजूद लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। डूबे युवक की तलाश जारी है। समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चला था।
सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास में नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा के चलते शनिवार को रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के गोंदहा गांव के लोग पड़ोस में ही बह रही घाघरा नदी में स्नान करने गए थे। इनमें गांव का ही राम प्रवेश (35) पुत्र राम मनोहर भी अपने 11 वर्षीय पुत्र रामनिवास व अन्य परिजन के साथ गया था।
नदी में स्नान करते समय राम प्रवेश का बेटा गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगा। बेटे को डूबता देखकर राम प्रवेश भी उसे बचाने पहुंचा। उसने किसी तरह अपने बेटे को तो डूबने से बचा लिया, लेकिन वह खुद डूबने लगा। गहरे पानी में जाकर राम प्रवेश डूब गया। वहां मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हुए। शोरगुल होने पर नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना पर थाने से पुलिस बल भी पहुंच गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस बारे में रामपुर मथुरा एसओ सुरेश चंद्र मिश्र ने बताया कि डूबे युवक की तलाश में गोताखोर लगे हुए हैं। अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है। जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वहां गहराई अधिक है। डूबे युवक की तलाश चल रही है।