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UP: बिना नीट पास किए बन जाओगे डॉक्टर...सिर्फ देने होंगे इतने लाख; फिर मेरठ के इस कॉलेज से बनवा दी फर्जी डिग्री

Mon, 01 Jan 2024 09:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

बिना नीट पास किए छात्रों को डॉक्टर बनाने में छह लाख में डील हुई थी। फिर मेरठ के निजी आयुर्वेद कॉलेज से फर्जी डिग्री बनाई गई थी। हर छात्र से छह-छह लाख लिए गए थे। दो छात्रों ने लखनऊ पुलिस के सामने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पांचों छात्रों का आवेदन रजिस्ट्रार ऑफिस के एक कर्मचारी की साठगांठ से हुआ था। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिना नीट पास किए ही बीएएमएस की डिग्री बनवाने में लखनऊ की एक महिला रैकेट में शामिल है। महिला ने छात्र को कॉल करके फर्जी डिग्री बनवाई थी। इसके एवज में करीब छह-छह लाख रुपये की डील हुई थी। महिला ने रजिस्ट्रार ऑफिस में ऑनलाइन आवेदन कराया था। 
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इसका खुलासा दो छात्रों ने लखनऊ आकर पुलिस के सामने किया है। जांच में पता चला पांचों छात्रों का आवेदन रजिस्ट्रार ऑफिस के एक कर्मचारी की साठगांठ से हुआ था। फर्जी डिग्री मामले में छात्र ने रजिस्ट्रार ऑफिस से तार जुड़े होने का दावा किया है। इस रैकेट में कई अफसर-कर्मचारियों की गर्दन फंसनी तय है।

सीतापुर के नैमिष के रहने वाले विवेक गिरी फार्मासिस्ट हैं। अक्तूबर 2021 में एक महिला ने उन्हें फोन करके बीएएमएस की डिग्री बिना नीट पास किए ही दिलाने का झांसा दिया। छात्र महिला के झांसे में आ गया। महिला ने मेरठ के श्रीराम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से बीएएमएस की फर्जी डिग्री बनाकर उसे दी। 
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इसके एवज में करीब छह लाख रुपये की डील हुई। इनमें चार लाख रुपए छात्र ने महिला को ऑनलाइन भेजे, जबकि दो लाख रुपये आलमबाग के पावर हाउस चौराहे के पास जाकर उसके आफिस में दिए थे। महिला ने रजिस्ट्रार ऑफिस में साठगांठ करके ऑनलाइन आवेदन कराया था। मामले की शिकायत आयुष मंत्रालय से हुई। 
 

मामले की जांच के आदेश दिए गए। मेरठ के श्रीराम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के छात्र राजेश व विवेक की डिग्री फर्जी निकली थी। वहीं उड़ीसा भुवनेश्वर के इंदिरा गांधी मेमोरियल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के छात्र अबुल रशीद, नीरेश कुमार वर्मा, अशोक वर्मा की डिग्री फर्जी मिली है। 

 

पुलिस ने बीते दिनों राजेश को कोतवाली बुलाया। छात्र ने पूरी घटना बताई। पुलिस ने महिला अंजली शर्मा से संपर्क साधने की कोशिश की मगर उसका फोन बंद था। छात्र ने बताया कि अंजली ने रजिस्ट्रार ऑफिस में ऑनलाइन आवेदन कराया था। 

 
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इसमें रजिस्ट्रार ऑफिस का एक कर्मचारी भी शामिल है। ऐसे में विभागीय अफसर-कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक, दो छात्राें अपने बयान दर्ज कराए हैं। छात्रों ने रजिस्ट्रार ऑफिस के कर्मचारियों को कठघरे में खड़ा किया है।
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