लखीमपुर के कस्बा तिकुनियां में चार किसानों के शवों को रखकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का धरना पीड़ित परिवारों को 45-45 लाख रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने तथा एक रिटायर जज की अध्यक्षता में न्यायिक समिति द्वारा जांच कराने की घोषणा के बाद समाप्त हुआ। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने यह घोषणा की। इसके बाद भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंच से धरना समाप्ति का एलान कर दिया पर साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसानों के दसवें की रस्म तक घोषणाओं पर अमल नहीं हुआ तो बड़ी पंचायत कर बड़ा आंदोलन करने का एलान कर दिया जाएगा।
तिकुनियां में रविवार को हुए किसान आंदोलन के दौरान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर चार किसानों को कार से कुचलकर मार डालने का आरोप है। इस विवाद में आशीष मिश्रा के ड्राइवर समेत चार अन्य की भी मौत हुई थी। इसको लेकर पूरे इलाके में जमकर बवाल हुआ। किसानों ने जगह-जगह हाईवे और अन्य संपर्क मार्गों को जाम कर दिया। सोमवार को इस घटना की सूचना के बाद तिकुनियां में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। चारों किसानों के शवों को रखकर यहां धरना शुरू कर दिया गया। किसानों की मांग थी कि मृतक किसानों के परिवारों को एक एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। साथ ही आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने तथा अजय मिश्रा को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की जा रही थी।
सोमवार सुबह चार बजे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र तिकुनियां पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की। तिकुनियां स्थित गुरु नानकदेव सिख एकेडमी में हुई पहली मीटिंग करीब एक घंटा चली। इसमें राकेश टिकैत के अलावा अन्य किसान नेताओं से कमिश्नर लखनऊ रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम अरविंद चौरसिया और एसपी विजय ढुल की बातचीत हुई। इसमें किसान नेताओं की ओर से चार मांगें रखी गईं। मीटिंग के बाद राकेश टिकैत ने मीडिया से बात की। बताया कि उन्होंने मृतकों के परिजन को एक-एक करोड़ मुआवजा, मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी व जांच के बाद गिरफ्तारी और उनके बेटे आशीष मिश्र की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
सपा की सरकार बनने पर हर जुल्म की कीमत वसूली जाएगी : अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को दबाना चाहती है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता किसानों के साथ हैं। सपा सरकार बनी तो किसानों के साथ होने वाले हर जुल्म की कीमत वसूली जाएगी। मनमानी करने वाले अधिकारी हो या दूसरे लोग किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। किसान शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार के लोग अब उनकी जान लेने पर तुले हुए हैं। कल की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।