कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों में चलाए गये विशेष स्वच्छता अभियान में 92 नगर निकायों को डिफॉल्टर घोषित किया गया है। स्थानीय निकाय निदेशालय ने शहरी निकायों की ऐसी स्थिति पर असंतोष जताते हुए सभी नगर निकायों से स्वच्छता अभियान के दौरान कराए गए कामों का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जुलाई में शासन स्तर से सभी शहरी निकायों को निर्देश दिए गए थे कि वे कोविड-19 के मद्देनजर विशेष सफाई अभियान चलाएं। इलाकों को सैनिटाइज किया जाए। जहां कहीं भी कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं वहां नियमित सफाई की व्यवस्था रखी जाए। साथ ही निकायों को यह भी आदेश थे कि वे अपने द्वारा कराए जा रहे कामों की सूचना भी सरकार से साझा करें।
लेकिन, हाल ही में कई समीक्षा में पाया गया कि 92 शहरी निकाय ऐसे थे, जिन्होंने यह सूचनाएं साझा नहीं की हैं। अभी यह तो तय नहीं हो पाया है कि उन्होंने विशेष सफाई अभियान अपने क्षेत्र में चलाए या नहीं, लेकिन यह जरूर पाया गया है कि उनके द्वारा सूचना न मिलने से यह पुष्ट नहीं हो सकता कि उन्होंने निर्देशों का पालन किया है या नहीं।
इस आधार पर 92 शहरी निकायों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। साथ ही निदेशालय ने इस तरह के रवैये पर ऐतराज जताया है। सभी शहरी निकायों के लिए आदेश जारी हुए हैं कि हर शनिवार व रविवार को इसकी सूचना निदेशालय को अवश्य भिजवाएं।