शिक्षा विभाग की मानें तो जिले के हाईस्कूल, इंटर के 81.4 फीसदी विद्यार्थी स्मार्टफोन से पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, महज 2.1 प्रतिशत ही किसी प्रकार का संसाधन न होने से ऑनलाइन पढ़ाई से महरूम हैं। यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों के बीच कराए गए ऑनलाइन सर्वे की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक ने शासन को सौंपी।
जिले में यूपी बोर्ड के 9वीं से 12वीं तक करीब दो लाख छात्र हैं। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से 9वीं से 12वीं तक के करीब 80 हजार छात्र हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि करीब 70 हजार छात्रों के बीच ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को लेकर सर्वे कराया गया था। इसमें उन्होंने बताया कि सर्वे में पाया गया कि छात्र ऑनलाइन पढ़ाई के पक्षधर हैं। कोरोना के चलते भले ही वे स्कूल न जा पा रहे हों, लेकिन पढ़ाई में उनकी रुचि है और वे ऑनलाइन पढ़ना चाहते हैं।
डीआईओएस ने बताया कि सर्वे अनुसार 81.4 प्रतिशत विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन और 5.7 फीसदी के पास लैपटॉप और टैबलेट है। 81 प्रतिशत छात्रों के पास टीवी है। इसमें से 28.9 प्रतिशत छात्रों के पास नेशनल चैनल है, बाकियों के पास डिश के कनेक्शन हैं। वहीं, 2.1 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जिनके पास कोई साधन नहीं है। ऐसे में माना जा सकता है कि ये फिलहाल ऑनलाइन शिक्षा से दूर है। हालांकि, सर्वे में अधिकतर निजी विद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। सरकारी स्कूलों के छात्र कम ही शामिल हुए।