राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया और तेज कर दी है। वर्ष 2011 में आए हुए आवेदनों को सभी जिलों में कंप्यूटर पर फीड कर लिया गया है।
उस समय जिलों से कुल 68,59,210 आवेदन प्राप्त हुए, इसमें से 72,133 ने वापस ले लिए व मौजूदा समय विभाग के पास 67,87,077 आवेदन है।
सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) के अफसरों के साथ बेसिक शिक्षा अधिकारियों की बुधवार को बैठक बुलाई है।
इसमें कंप्यूटर पर फीड किए गए विवरण को ऑनलाइन करने के बारे में उन्हें जानकारी दी जाएगी।
फाइनल सूची के बाद होगी काउसलिंग
शिक्षक भर्ती के संबंध में सभी ब्यौरे को ऑनलाइन करने के साथ इस पर प्रत्यावेदन देने का कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
इसके साथ ही जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) प्राचार्यों से यह प्रमाण पत्र भी मांगा गया है कि वर्ष 2011 में शिक्षक भर्ती के लिए आए हुए आवेदनों को शासन से दिए गए निर्देश के आधार पर ही फीड किया गया है।
आवेदन संबंधी ब्यौरे को ऑनलाइन किए जाने के बाद आवेदक अपने मूल आवेदन से इसका मिलान कर सकेंगे।
किसी प्रकार की यदि इसमें कोई कमी होगी तो उन्हें प्रत्यावेदन देने का मौका दिया जाएगा। फाइनल सूची जारी करने के साथ ही काउंसलिंग संबंधी कार्यक्रम जारी किए जाएंगे।
विसंगतियां हुईं दूर
उधर, राज्य सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक और उच्च प्राइमरी स्कूलों के सहायक अध्यापकों की छठे वेतन आयोग समिति की संस्तुतियों के आधार पर वेतन विसंगतियां दूर कर दी हैं।
शिक्षकों को 30 दिन के अंदर विकल्प देने का मौका दिया गया है। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा नीतीश्वर कुमार ने सोमवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ ने 1 जनवरी 2006 के बाद पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों को न्यूनतम मूल वेतन 17,140-18,150 का लाभ देने की मांग की थी।