नए साल में 71 शुभ मुहूर्त होंगे। फरवरी माह में 50 हजार शादियां होंगे। वर्ष 2024 की फरवरी में शादियों के सबसे ज्यादा 17 मुहूर्त हैं। मई और जून में शहनाई नहीं बजेगी। पिछले तीन साल के मुकाबले इस साल सबसे ज्यादा शादियां होंगी।
साल 2024 कुंवारों के लिए खुशियां लेकर आ रहा है। इस वर्ष पिछले तीन साल के मुकाबले सबसे अधिक शादियां होंगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक, 2024 में शुभ मुहूर्त 71 हैं। इनमें सबसे अधिक शादियों के मुहूर्त फरवरी में हैं जिसमें कुल 17 तारीखें हैं। हालांकि, जनवरी में भी शुभ मुहूर्त 11 हैं, लेकिन शादियों की तादाद कम है। वही सबसे कम नवंबर में सिर्फ छह शुभ मुहूर्त हैं।
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फरवरी में 17 दिन बैंड-बाजों और शहनाइयों की धूम रहेगी। फरवरी में गुलाबी मौसम होने के कारण 2024 में सर्वाधिक शादियां होंगी। कारोबारियों का अनुमान है कि फरवरी में शहर से लेकर गांव तक रोजाना औसतन तीन हजार युगलों के हाथ पीले होंगे। यानी फरवरी में 50,000 से ज्यादा शादियां होंगी। कारोबारियों का कहना कि खरमास में ही दिसंबर से फरवरी तक होने वाली शादियों की तैयारियां घर-घर चल रही हैं।
पिछले साल के मुकाबले सात मुहूर्त अधिक
वर्ष 2024 में शादियों के कुल शुभ मुहूर्त 71 हैं। जबकि गुजरे साल 2023 में शादियों की कुल शुभ मुहूर्त 64 ही थे। इससे पहले वर्ष 2022 में कुल शुभ मुहूर्त 69 थे। बीते साल के मुकाबले नए साल में शादियों के सात शुभ मुहूर्त ज्यादा हैं। पुरोहित संत कुमार के मुताबिक, वर्ष 2024 में जो सात शुभ मुहूर्त बढ़े हैं, वह फरवरी के ही हैं। इस साल पिछले कई साल के मुकाबले फरवरी में ज्यादा शहनाइयां बजेंगी।
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मई और जून में एक भी शादी का मुहूर्त नहीं
पंडित शिवशंकर पांडेय ने बताया कि लंबे अरसे के बाद साल 2024 में मई एवं जून में एक भी शादी नहीं होगी। इसकी वजह बृहस्पति एवं शुक्र का अस्त होना है। शिवशंकर पांडेय ने बताया कि बृहस्पति व शुक्र गृह के अस्त होने के कारण कोई शुभ मुहूर्त नहीं बना। मगर, जुलाई में कुल नौ शुभ मुहूर्त हैं। जुलाई का पहला शुभ मुहूर्त नौ तारीख को है।
खरमास : बिक रहे शादी के कपड़े
राजधानी के कपड़ा कारोबारी उत्तम कपूर ने बताया कि जनवरी में 11 व फरवरी में 17 शादी के शुभ मुहूर्त होने के कारण परिवार खरमास में ही कपड़ों की खरीद-फरोख्त करने निकल पड़े हैं। उन्होंने बताया कि जो परिवार महंगी साड़ी, लहंगा आदि खरीदकर फिनिशिंग के लिए दे रहे हैं, वह पहले शुभ मुहूर्त में ही कपड़ों की खरीद-फरोख्त की शुरुआत कर चुके हैं। कपड़ा कारोबारी अशोक मोतियानी ने बताया कि जनवरी व फरवरी में सबसे ज्यादा शादियां होने के कारण शादी के कपड़ों की सेल खूब हो रही है। हालांकि, यह सेल सहालग के मुकाबले 40 फीसदी है, जो पहले के खरमास से बेहतर है।
गहने : खरीदार कम, देखने वाले ज्यादा
लखनऊ महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया, खरमास का असर सराफा कारोबारियों पर है। मगर, उम्मीद है कि जनवरी व फरवरी में गहने खूब बिकेंगे। उन्होंने बताया कि खरमास में हीरे, सोने व चांदी के गहनों को जनवरी और फरवरी में खरीदने वाले खूब आ रहे हैं, मगर वह खरीदार नहीं हैं। ऐसे ग्राहक गहनों काे देखते और कीमत की पड़ताल करने के बाद खरमास के बाद आने का आश्वासन देकर चले जा रहे हैं।