प्रदेश के 23 जिलों में वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की जांच में 68730 पेंशनर मृत पाए गए हैं। इनके नाम लाभार्थियों की सूची से हटाने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि कहीं धनराशि का दुरुपयोग तो नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार ने सभी 75 जिलों में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन के निर्देश दिए थे।
इसके तहत शुरू हुई जांच में अब तक 23 जिलों के सत्यापन का डाटा समाज कल्याण निदेशालय को मिल चुका है। इसमें प्रयागराज, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, अयोध्या, फिरोजाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हाथरस, कानपुर नगर, कौशांबी, मैनपुरी, मथुरा, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, संभल, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सोनभद्र जिले शामिल हैं।
समाज कल्याण निदेशालय को मिली रिपोर्ट के अनुसार, इन 23 जिलों में लाभार्थियों की कुल संख्या 16,47,583 है। सत्यापन के दौरान 68730 पेंशनर मृत मिले, जबकि 978 अपात्र पाए गए हैं। समाज कल्याण निदेशक बालकृष्ण त्रिपाठी का कहना है कि यह पता नहीं चला है कि मृतकों के खातों में भेजी गई राशि किसी अन्य ने निकाली हो।
बैंकों को भेजी गई राशि वापस लेने की कार्रवाई की जा रही है। अगर कोई गड़बड़ सामने आती है, तो रिकवरी के साथ ही दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। समाज कल्याण विभाग गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 60 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देता है। वर्तमान में प्रदेश में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 49 लाख 87 हजार है।