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यूपी: प्रदेश में 24 घंटे में 6411 नए मरीज मिले, अब तक 21 करोड़ कोरोना टीके लगाए गए

Sat, 08 Jan 2022 07:27 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। प्रदेश सरकार का दावा है कि अब तक करीब 21 करोड़ कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी में बीते 24 घंटों में 02 लाख 20 हजार 496 कोरोना टेस्ट किये गये, जिसमें 6,411 नए कोरोना पॉजिविट पाए गये। इसी अवधि में 171 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। सावधानी और सतर्कता ही कोविड नियंत्रण का आधार है। अफसरों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने संक्रमण की रोकथाम के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जाने के आदेश दिए हैं। मास्क के प्रयोग, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन इत्यादि से इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

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प्रदेश में कोविड से बचाव के लिए अति उपयोगी टीकाकरण का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। उत्तर प्रदेश एकमात्र राज्य है जहां अब तक 21 करोड़ 22 लाख से अधिक कोविड टीके लगाए जा चुके हैं। टीके की उपयोगिता को देखते हुए जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों का वैक्सीनेशन किया जाए। अधिकाधिक स्कूलों में विशेष शिविर लगाए जाएं। 10 जनवरी से दी जाने वाली प्री-कॉशन डोज भारत सरकार द्वारा तय पात्रता के अनुरूप ही लगाई जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया है कि निराश्रित लोगों, अकेले रह रहे बुजुर्ग जनों, दिव्यांगजनों पर विशेष ध्यान दिया जाए। यदि किसी के पास राशन कार्ड भी नहीं है तो उन्हें दोनों समय फ़ूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएं। ऐसे व्यक्ति यदि संक्रमित होते हैं तो उनके साथ अतिरिक्त संवेदनशीलता का भाव रखा जाए। पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग की टीम इनके समुचित इलाज, भोजन आदि की व्यवस्था जरूर करें।
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जिन मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखें उन्हें होम आइसोलेशन में रखते हुए इलाज किया जाए और उनकी निरन्तर मॉनीटरिंग की जाए। को-मॉर्बिड मरीजों, बुजुर्गाें और बच्चों को संक्रमण से बचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए, यदि वे संक्रमित हों तो उनके इलाज की प्रक्रिया की सतत मॉनीटरिंग हो। उन्हें तत्काल मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाए।

यह संक्रमण कम तीव्रता वाला है, अतः इसके लक्षण दिखने पर सामान्य मरीज होम आइसोलेशन में रहकर चिकित्सक की सलाह से अपना इलाज कर सकता है। यह संक्रमण वायरल फीवर की तरह है। अतः इससे डरने की आवश्यकता नहीं है, परन्तु सभी एहतियात अवश्य बरते जाएं। मरीज की जांच कराने के उपरान्त चिकित्सक की निगरानी में उपचार होम आइसोलेशन में शुरू कर दिया जाए।

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