आर्थिक तंगी से जूझ रहे जल निगम के 5,327 नियमित फील्ड कर्मचारियों को पंचायती राज विभाग व नगर निकायों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल निगम की ओर से दोनों विभागों को कर्मचारियों की सूची भेजी दी गई है। इसमें अधिकांश कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी, तकनीकी और अकेंद्रीयत सेवा के हैं।
जल निगम ने अपर मुख्य पंचायती राज व निदेशक स्थानीय निकाय को पत्र भेजकर समायोजित होने वाले कर्मचारियों को पदवार चिह्नित कर विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। प्रबंध निदेशक जल निगम ने इस संबंध में शुक्रवार को दोनों विभागों को पत्र लिखा है।
आर्थिक संकट झेल रहे जल निगम को फील्ड में तमाम ऐसे कर्मियों के वेतन आदि का खर्च उठाना पड़ रहा है, जिनके पद के मुताबिक अब काम नहीं बचा है। अपना बोझ कम करने के लिए निगम ने ऐसे कर्मचारियों को उन विभागों में समायोजित कराने में जुटा है, जिनमें इनके पद के मुताबिक काम हो रहे हैं।
पिछले दिनों हुई उच्चस्तरीय बैठक में जल निगम में नियमित तौर पर नियुक्त फील्ड कर्मचारियों को इन दोनों विभागों में समायोजित करने की सहमति बनी थी। इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद अब यह कवायद शुरू हुई है। जल निगम के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि दोनों विभागों को सूची भेजी दी गई है। जल्द आगे की कार्यवाही की जाएगी।
इनका समायोजन: जल कर लिपिक, पंप ऑपरेटर, प्लंबर, वर्क एजेंट, रनर, चौकीदार, फीटर, हैंडपंप मैकेनिक, पंप अटेंडेंट व इलेक्ट्रीशियन।