कोरोना मरीज मिलने के बाद सीएम हेल्पलाइन चलाने वाली निजी फर्म को नोटिस जारी किया गया है। अब तक 81 कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं। सीएमओ डॉ. नरेन्द्र अग्रवाल ने कंपनी से पूछा कि क्या कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन व मास्क का प्रयोग किया गया? यदि नहीं तो यह लापरवाही क्यों बरती गई।
एक समय में इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को कार्यालय क्यों बुलाया, जबकि संक्रमण की आशंका को देखते हुए ऐसा करना उचित नहीं था। कार्यालय में एसी चलने के बारे में सवाल किया है कि आखिर अधिकारियों ने दिशा-निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया?
बुखार, खांसी की शिकायत लेकर शनिवार को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में आए युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद सोमवार को आइसोलेशन वार्ड 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया। इसे सैनिटाइज करने के बाद ही खोला जाएगा। सरोजनीनगर निवासी 26 वर्षीय युवक में कोरोना की पुष्टि से हड़कंप मच गया। उसे लोकबंधु अस्पताल भेज दिया गया है। आइसोलेशन वार्ड खाली कराकर 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। युवक के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पांचवें दिन इनकी जांच होगी।
16 मरीज डिस्चार्ज, सात एक ही परिवार के
दो बार रिपोर्ट निगेटिव आने पर कोरोना के 16 मरीज सोमवार को डिस्चार्ज किए गए। इनमें चिनहट के सात मरीज एक परिवार के हैं। रामसागर मिश्रा अस्पताल के डॉ. रोहित सिंह ने बताया कि एक परिवार के सात मरीजों के अलावा माल, मलिहाबाद व कमता का एक-एक मरीज डिस्चार्ज हुआ।
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह ने बताया कि पांच मरीजों को छुट्टी दी गई, जिसमें चार फातिमा अस्पताल के कर्मचारी हैं और पांचवां अन्य क्षेत्र से आया था। सीएमओ के अनुसार, एक मरीज जिसका इलाज अन्य संस्थान में चल रहा था उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।