लखनऊ। कोविड के बढ़ते मामलों के तहत उम्रदराज कैदियों की पैरोल पर रिहाई की बैठक में शामिल होने के लिए पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर व जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश जिला जेल पहुंचे। डीएम व कमिश्नर ने जेल अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में तीन दर्जन उम्रदराज व गंभीर बीमारियों से पीड़ित सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल देने का प्रस्ताव जेल प्रशासन ने रखा जिसमे दो का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
डीजी जेल के पीआरओ संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि कोविड के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शासन जेलों से कैदी पैरोल पर छोड़े जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर व डीएम के साथ एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह, एडीसीपी दक्षिणी पूर्णेंदु सिंह, एसडीएम विकास सिंह व एसीपी गोसाईगंज स्वाती चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों ने जेल प्रशासन के साथ 35 कैदियों की रिहाई पर चर्चा की जिसमें 31 उम्रदराज (65 वर्ष या उससे अधिक) व 4 गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे।
जेलर अजय राय ने बताया कि नियमों के तहत उम्रदराज के आधार पर 2 कैदी पैरोल के पात्र मिले। इसके अलावा गंभीर बीमार चार कैदियों में से तीन की मेडिकल रिपोर्ट भेजकर सीएमओ की राय लेने के निर्देश दिए हैं। जेलर के मुताबिक, सीएमओ की अनुमति मिलने के बाद आलाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। करीब एक घंटे तक जिला जेल मे रहने के बाद अफसर नारी बंदी निकेतन पहुंचे। प्रभारी अधीक्षक नयनतारा बनर्जी के साथ अफसरों ने 25 महिला बंदियों की पैरोल पर चर्चा की जिसमे 3 बंदियों को पैरोल देने पर सहमति मिली। इसमें से एक बंदी कैंसर पीड़ित हैं, अन्य दो 80 वर्ष की हैं।
आदर्श कैदियों के लिए सीएमओ से मांगी रिपोर्ट---
जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि चार आदर्श कैदियों में से एक शर्तों के आधार पर पैरोल का पात्र मिला। आदर्श कैदी शिवनाथ हार्ट पैशेन्ट है जो मेडिकल कॉलेज मे भर्ती है। डीएम अभिषेक प्रकाश ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट पर सीएमओ की राय मांगी है।