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UP News: राजधानी में 59 दिन में हुए 342 सड़क हादसे; 128 मरे और 321 घायल, मंडलायुक्त ने तलब की रिपोर्ट

Sun, 29 Mar 2026 03:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ में 59 दिन में 342 सड़क हादसे हुए। इसमें 128 लोगों की मौत हुई, जबकि 321 घायल हुए। मंडलायुक्त ने हादसों की रिपोर्ट तलब की है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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प्रतीकात्मक।
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में 59 दिन के भीतर 342 सड़क हादसे हुए। इनमें 128 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि, 321 घायल लोग हुए। सड़क हादसों की यह भयावह स्थिति तब है, जब सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। जागरुकता लाई जा रही है। लेकिन, विभाग हादसों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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सड़क हादसों में हुई वृद्धि पर शनिवार को मंडलायुक्त कार्यालय में हुई मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चिंता व्यक्त की गई। इस दौरान मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने परिवहन विभाग के अधिकारियों रिपोर्ट बनाने का निर्देश दिया। इसमें हादसों की वजह, जगहों, वृद्धि के कारणों व निवारण का जिक्र करना होगा।

हादसे, मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ी

अधिकारियों के मुताबिक, महीने भर के अंदर यह रिपोर्ट बनाकर साैंपनी होगी। बैठक में परिवहन विभाग के लखनऊ संभाग की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। इसके अनुसार लखनऊ की स्थिति बेहद खराब पाई गई। जनवरी व फरवरी की गत वर्ष व इस साल तैयार की गई रिपोर्ट की चर्चा में यह बात सामने आई कि लखनऊ में हादसे, मृतकों व घायलों की संख्या बढ़ी है।

लखनऊ में उपरोक्त महीनों में गत वर्ष 271 हादसे हुए, जो इस साल बढ़कर 342 हो गए। इसमें 26.2 प्रतिशत वृद्धि हुई। मृतकों की संख्या 99 से बढ़कर 128 हो गई। इसमें 29.3 फीसदी की वृद्धि हुई। घायलों की संख्या 187 से 321 हो गई। इसमें 71.7 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। लखनऊ संभाग में कुल 1049 हादसे हुए, जो इस बार बढ़कर 1074 हो गए। मृतकों की संख्या 549 से बढ़कर 551 व घायलों की संख्या 732 से 832 हो गई।
 

हादसों की वजह पता कर रिपोर्ट तलब

मंडलायुक्त ने कहा कि यह चिंतनीय है। ऐसे में हादसों की वजह पता कर रिपोर्ट दी जाए। ऐसे ही राहवीर योजना की समीक्षा में मिला कि वर्ष 2025 में लखनऊ मंडल में केवल 11 प्रस्ताव प्रेषित किए गए थे, जिसमें जनपद लखनऊ में कोई प्रस्ताव नहीं प्रेषित किया गया।

वहीं 2026 में अभी तक जनपद लखनऊ एवं लखीमपुर खीरी में दो-दो प्रस्ताव भेजे गए हैं। हिट एंड रन योजना के तहत वर्ष 2025 में लखनऊ में कुल 24 आवेदन मिले थे। इसमें चार निस्तारित किए गए, 20 लंबित हैं। वहीं, वर्ष 2025 में कुल 221 प्रकरण मिले। इसमें 90 प्रकरण निस्तारित हुए, 131 प्रकरण लंबित पाए गए। वर्ष 2026 में फरवरी तक कुल 35 प्रकरण मिले। इसमें केवल एक निस्तारित किया गया।

साथ ही राहवीर योजना, हिट एंड रन मामलों को लेकर बनी योजना आदि को प्रचारित-प्रसारित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर) एमपी सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन) प्रमात पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग जेपी सिंह, सहायक पुलिस आयुक्त(यातायात) अभिनव यादव आदि उपस्थित रहे।

ब्लैक स्पाॅट्स जल्द कराएं ठीक

ब्लैक स्पाॅट्स की समीक्षा के दौरान पाया गया कि वर्ष 2025 में कुल 283 ब्लैक स्पॉट्स चयनित किए गए थे। इसमें 151 ब्लैक स्पॉट्स लोक निमार्ण विभाग से संबंधित, 100 ब्लैक स्पॉट्स एनएचएआई से संबंधित तथा 32 ब्लैक स्पॉट्स नेशनल हाईवे, पीडब्लूडी से संबंधित थे। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि इन ब्लैक स्पॉट्स को ठीक कराया जाए तथा मानक के अनुसार ब्लैक स्पॉट्स को बंद किया जाए।

हरदोई अव्वल, लखनऊ बदतर

सड़क हादसों के मामले में हरदोई की स्थिति संभाग में सबसे बेहतर है। हरदोई में गत वर्ष जनवरी से फरवरी के बीच 191 हादसे हुए, जो इस बार घटकर 163 रह गए। 14.7 प्रतिशत हादसे घटे। ऐसे ही मृतकों की संख्या 97 थी, जो घटकर 92 रही। घायलों की संख्या में 15.4 प्रतिशत कमी दिखी। यह 123 से घटकर 104 हो गई।

ऐसे ही उन्नाव में सिर्फ एक हादसा बढ़ा। 157 से 158 हादसे हुए। मृतकों की संख्या 101 से घटकर 81 रह गई। घायल 117 थे। इसमें वृद्धि हुई है। यह 147 हो गए। ऐसे ही रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर में भी हादसे कम हुए। लेकिन, लखनऊ की स्थिति पूरे संभाग में बदतर है।
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इतने हुए लखनऊ संभाग में हादसे
 
जिला सड़क दुर्घटनाएं मृतक घायल
वर्ष 2025/26 2025/26 2025/26
लखनऊ 271/342 99/128 187/321
उन्नाव 157/158 101/81 117/147
रायबरेली 136/123 70/72 93/106
सीतापुर 152/141 87/95 125/76
लखीमपुर 142/147 95/83 87/78
हरदोई 191/163 97/92 123/104
कुल 1049/1074 549/551 732/832

नोट: यह आंकड़े जनवरी से फरवरी के बीच के हैं। गत वर्ष व इस साल जनवरी से फरवरी के बीच हुए हादसों की तुलनात्मक रिपोर्ट है।
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