परिवहन निगम की एसी बस कंपनी के मालिक के मनी लॉड्रिंग में फंसने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ने वाली हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने बस कंपनी को परिवहन निगम से होने वाले भुगतान को सीज करा दिया है। इससे बस कंपनी के करीब 1.50 करोड़ रुपये फंस गए हैं।
कंपनी ने आर्थिक संकट के चलते परिवहन निगम को एक जून से 33 एसी बसों का संचालन बंद करने का नोटिस दे दिया है। इनमें 20 लखनऊ, 8 गाजियाबाद और 5 वाराणसी परिक्षेत्र की एसी वॉल्वो व स्कैनिया बसें हैं। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने परिवहन निगम से एसी बस कंपनी को होने वाले भुगतान पर रोक लगवाकर बाकी भुगतान सीज करा दिया है।
इससे कंपनी के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जो एसी बसें एक जून से हट रही हैं उनमें कुछ का अनुबंध खत्म हो रहा था और कुछ को बदलना था। स्थिति ये है कि कंपनी के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए रुपये तक नहीं हैं।
ऐसे में नई एसी बस कैसे खरीद पाएगी। उधर, गाजियाबाद परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि 8 में से 4 एसी बसें हट चुकी हैं। इनमें 2 गाजियाबाद-देहरादून एवं 2 गाजियाबाद- बरेली के बीच चल रही थी जिनका लोड फैक्टर बेहतर था।