केजीएमयू के महिला एवं प्रसूति रोग विभाग में शुक्रवार को 50 वर्षीय महिला के पेट से 31 किलोग्राम का ट्यूमर निकाला गया। अंडाशय में स्थित इस ट्यूमर का आकार इतना बड़ा था कि महिला को एमआरआई मशीन में जाने तक में समस्या हो रही थी। क्वीन मेरी अस्पताल की टीम ने प्रो. एसपी जैसवार के नेतृत्व में इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया।
प्रो. जैसवार ने बताया कि शाहजहांपुर निवासी महिला को एक साल से पेट बढ़ने की परेशानी हो रही थी। एक साल में उसके पेट की परिधि 61 इंच तक पहुंच गई। पेट बढ़ने की वजह से उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी। क्वीन मेरी में डॉक्टरों ने कैंसर की आशंका में उसकी जांच कराई।
जांच में ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने तीन घंटे तक उसका ऑपरेशन किया। महिला को दो यूनिट खून भी चढ़ाया गया। ऑपरेशन करने वाली टीम में प्रो. जैसवार के साथ ही प्रो. सीमा मेहरोत्रा, डॉ. मोनिका अग्रवाल, प्रो. रजनी गुप्ता, वी वर्गीस शामिल रहे।
प्रो. जैसवार ने बताया कि भारत में अंडाशय का कैंसर महिलाओं में तीसरे स्थान पर है। आईसीएमआर के निर्देश के अनुसार अंडाशय का ट्यूमर बाकी कैंसरों के मुकाबले 3.34 फीसदी अधिक होता है। वहीं 75 में से एक महिला को ही अंडाशय का कैंसर होने की आशंका होती है। इसके अलावा सौ में से एक महिला की इसकी वजह से मौत भी होती है। आमतौर पर यह कैंसर 50 से 65 आयु वर्ग की महिलाओं में ही मिलता है।