मुख्यमंत्री योग ने कहा कि जिलों में डेंगू आदि की जांच के लिए पैथोलॉजी केंद्रों द्वारा मनमाने ढंग से वसूली की सूचना मिली है। यह कतई स्वीकार्य नहीं है। तत्काल जांच दरों की समीक्षा कर स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं। पैथोलॉजी केंद्रों पर औचक निरीक्षण भी किया जाए। मनमाने ढंग से वसूली/मरीजों के उत्पीड़न की हर एक शिकायत को तत्परता से संज्ञान लिया जाए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या के स्थायी निदान के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। लोगों को निजी वाहन के स्थान पर परिवहन के सार्वजनिक साधनों के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित करें। पराली न जलाने के लिए किसानों से संवाद किया जाए।
प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना अभियान स्वरूप में की जा रही है। पीएम केयर से स्वीकृत कुल 128 प्लांट्स एक्टिव हो चुके हैं। इस तरह अब तक विभिन्न जिलों में कुल 517 ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील किये जा चुके हैं। शेष प्लान्ट की स्थापना का कार्य यथाशीघ्र पूरा किया जाए।
बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित सभी किसान भाइयों को तत्काल फसल क्षतिपूर्ति की जाए। अब तक 06 लाख किसानों को ₹200 करोड़ की क्षतिपूर्ति की जा चुकी है। शेष चिन्हित किसानों को भी तत्काल भुगतान किया जाए। एक भी किसान, जिसकी फसल बाढ़ व अतिवृष्टि से खराब हुई हो, उनकी क्षतिपूर्ति जरूर की जाए। यह कार्य पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ किया जाए।
प्रदेश में धान खरीद की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी धान क्रय केंद्रों पर व्यवस्था सुचारु बनी रहे। जिलाधिकारी स्वयं क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें। जिलों में नोडल अधिकारी एक्टिव रहें। किसानों को भुगतान में देरी न हो।
मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की स्थिति की मुख्य सचिव स्तर से विस्तृत समीक्षा की जाए। गो-आश्रय स्थलों पर हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता और ठंड से बचने के प्रबंध होने चाहिए।