अयोध्या के जनौरा स्थित तालाब में बुधवार को नहाते समय दो किशोर डूब गए। उन्हें बचाने के लिए तालाब में कूदा युवक भी डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तीनों के शव तालाब से निकाले। घटना से तीनों परिवार में कोहराम मच गया।
नगर कोतवाली अंतर्गत जनौरा इलाके के पक्के तालाब में बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे दो दोस्त राहुल (15) पुत्र वंशराज निवासी नाका कोतवाली नगर व प्रखर जायसवाल (16) पुत्र विंदेश्वरी प्रसाद निवासी बल्ला हाता कोतवाली नगर नहा रहे थे।
इस दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनका शोर सुन वहां मछलियों को चारा खिला रहे थाना रौनाही के धन्नीपुर गांव निवासी कुणाल यादव (19) पुत्र डॉ. राजितराम यादव उन्हें बचाने के लिए तालाब में कूद गया। दोनों का हाथ पकड़ने का प्रयास करते समय वह भी तालाब में डूब गया। तीनों को डूबते देख तालाब के आसपास मौजूद लोगों ने आननफानन पुलिस को सूचना दी।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल गुप्तारघाट सरयू तट से गोताखोरों को बुलाकर तालाब खंगाला। इस दौरान तीनों के शव बरामद हो गए। सीओ सिटी अरविंद चौरसिया ने बताया कि तालाब में डूबने से दो किशोर व एक युवक की मौत हुई है। तीनों मृतकों के परिवारीजनों ने शव का पोस्टमार्टम करने से मना कर दिया है।
राहुल-प्रखर थे हाईस्कूल के छात्र, कुणाल कर रहा था सेना में भर्ती की तैयारी
हादसे के बाद मौके पर सिर्फ राहुल की शिनाख्त हो पाई। सूचना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे कुछ लोगों ने एक अन्य युवक कुणाल की शिनाख्त की। इसके बाद वहां पहुंचे राहुल के साथियों ने तीसरे किशोर प्रखर की शिनाख्त की। इनमें से कुणाल धन्नीपुर गांव का रहने वाला था, वह कोतवाली नगर स्थित पहाड़गंज इलाके में अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था। उसकी शिनाख्त उसके मामा राम अवतार ने की।
उन्होंने बताया कि वह घर से नाका कोचिंग पढ़ने के लिए गया था, तालाब कैसे पहुंच गया ये नहीं मालूम। बताया कि कुणाल आर्मी में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था, इसके लिए वह रोजाना स्टेडियम जाता था। वहीं, राहुल व प्रखर हाईस्कूल के छात्र थे और आपस में गहरे दोस्त थे। प्रखर तीन बहनों में इकलौता भाई था। माता-पिता समेत परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था।
काश ! यहां होते तो तीनों को बचा लेते
जनौरा के इस पक्के तालाब को गिरिजा कुंड के रूप में भी जाना जाता है। यहां के स्थानीय निवासी संजय सिंह, विनीत कुमार, महेश कुमार ने बताया कि तालाब बहुत गहरा है। गर्मियों में दोपहर में यहां अकसर लोग नहाने आते हैं। स्थानीय लोग भी यहां पेड़ की छांव में दोपहर गुजारते हैं। लेकिन इत्तफाकन हादसे के वक्त वहां मात्र एक दो लोग थे, मगर वे तैरना नहीं जानते थे। हम लोग रोज वहीं रहते हैं, अच्छे तैराक हैं, काश! हम यहां होते तो तीनों को बचा लिया जाता।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
अयोध्या में तीन बच्चों की तालाब में डूबने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने दुख जताया है। तीन बच्चों की मृत्यु पर शोक जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की है। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।