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यूपी: बजाज की ललितपुर परियोजना से मिलेगी 28 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली, नियामक आयोग ने कैपिटल कॉस्ट में 3022 करोड़ की कटौती की

Sat, 12 Mar 2022 12:56 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

बजाज समूह ने ललितपुर में एमओयू रूट से स्थापित 1980 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजना के लिए 15749 करोड़ रुपये कैपिटल कॉस्ट के अनुमोदन की याचिका दायर की थी।
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बिजली - फोटो : Istock
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विस्तार
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बजाज समूह की ललितपुर बिजली परियोजना से खरीदी जाने वाली बिजली के लिए पावर कॉर्पोरेशन को अब 28 पैसे प्रति यूनिट कम कीमत चुकानी पड़ेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने ललितपुर पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड की कैपिटल कॉस्ट में 3222 करोड़ रुपये की कटौती कर दी है। आयोग के इस फैसले से पावर कॉर्पोरेशन पर बिजली खरीद का वित्तीय भार कम होगा और 20 वर्ष तक 28 पैसे प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिल सकेगी।

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बजाज समूह ने ललितपुर में एमओयू रूट से स्थापित 1980 मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजना के लिए 15749 करोड़ रुपये कैपिटल कॉस्ट के अनुमोदन की याचिका दायर की थी। नियामक आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य केके शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्तव की पूर्ण पीठ ने अपने फैसले में कैपिटल कॉस्ट में 3022.30 करोड़ रुपये की कटौती करते हुए 12727.45 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। आयोग के इस फैसले से बजाज समूह को तगड़ा झटका लगा है। कैपिटल कॉस्ट के संबंध में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान पावर कॉर्पोरेशन व राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसे बहुत ज्यादा बताते हुए इसमें कटौती की मांग की थी। यह पहला मौका है जब नियामक आयोग ने किसी निजी बिजली परियोजना की कैपिटल कॉस्ट में इतनी बड़ी कटौती की है।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के समक्ष यह मुद्दा भी उठाया था कि सात साल पहले पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने इस परियोजना के लिए 16006 करोड़ की सीलिंग कैपिटल कॉस्ट पर अपनी सहमती दी थी। इसकी सीबीआई या ईडी से जांच कराई जानी चाहिए। आयोग ने अपने फैसले में इसका भी जिक्र किया है। ललितपुर परियोजना से खरीदी जाने वाली बिजली की फिक्स कास्ट 2016 से 2.08 रुपये प्रति यूनिट है। आयोग के आदेश के बाद इसमें 28 पैसे प्रति यूनिट की कमी हो जाएगी। इस मामले में आपत्तिकर्ता अवधेश वर्मा का कहना है बजाज ग्रुप ने नियम विरुद्ध तरीके से अपनी आंतरिक कंपनियां बनाकर उसी को परियोजना के करोड़ों का काम उच्च दरों पर दे दिया था। इसकी जांच होनी चाहिए।

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