सेक्शन तैयार होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त की जांच हो चुकी है और साठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमति भी मिल चुकी है। तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों सहित एक मेल एक्सप्रेस चलाने का निर्णय लिया गया है।
ऐशबाग से सीतापुर के बीच रेल सफर ढाई से तीन घंटे का होगा। चूंकि, शुरुआती दौर में पैसेंजर ट्रेनों पर यात्रियों का लोड रहेगा, जो सिटी, डालीगंज, मोहिबुल्लापुर, बीकेटी सहित रूट के सभी प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी। ऐसे में बस में सफर करने वाले दैनिक यात्री बसों से ट्रेनों में शिफ्ट हो जाएंगे।
रेलखण्ड को आमान परिवर्तन के लिए करीब तीन साल पहले बंद किया गया था। इसके बाद अंग्रेजों के जमाने की पटरियों को उखाड़कर नई पटरियां बिछाने व स्टेशनों के रेनोवेशन का काम शुरू किया गया।
ऐशबाग-सीतापुर रेलखण्ड पर आमान परिवर्तन से पहले जब ट्रेनों का संचालन होता था तो सुबह की ट्रेनों में खासी संख्या में दूधिये कंटेनर लेकर सफर करते थे। इन्हें ट्रेन की खिड़कियों में टांगा जाता था या फिर पूरी बोगियों में भर देते थे। पर, अब ऐसा करने वालों पर सुरक्षाबल कार्रवाई करेंगे।
यह होगा किराया
मेल-एक्सप्रेस 45 रुपये
पैसेंजर 25 रुपये
एमएसटी 355 रुपये प्रतिमाह
(नोट- यह किराया लखनऊ-सीतापुर के बीच 84 किमी दूरी का है)