सरोजनीनगर में फर्जी तरीकों से जमीनों के पट्टे करने के मामले में एसडीएम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। इसके अनुसार सभी पट्टों को निरस्त करते हुए पूरी छह बीघा जमीन ग्राम समाज के नाम पर दर्ज कर दी गई है। हाईवे से सटी जमीन दस करोड़ रुपये से अधिक कीमत की है।
तहसील क्षेत्र के बीबीपुर गांव के दस लोगों के नाम पर करीब दो दशक पहले छह बीघा जमीन का पट्टा कर दिया गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत प्रशासनिक अफसरों से की। इसके बाद वाद दायर किया गया।
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सुनवाई में लापरवाही बरती गई तो उच्चाधिकारियों ने एसडीएम को सख्त निर्देश दिए। इसके बाद सुनवाई पूरी कर आदेश जारी किया गया।इसके बाद गाटा संख्या 69/6, 69/7, 69/10, 69/9, 69/8, 69/3, 69/4, और 69/8 को निरस्त करते हुए वापस ग्राम समाज में दर्ज कर दिया गया है।
मामले में हुआ बड़ा खेल
जिस तरह से जमीनों के पट्टे हुए वह बिना अफसरों की मिलीभगत के संभव नहीं है। हालांकि, जांच में पता चला कि पट्टे संबंधी रिकॉर्ड ही नहीं मिले। पट्टा कब हुआ, किसने आदेश जारी किया, इसका पता ही नहीं चला। सूत्रों के मुताबिक मामले में तत्कालीन अफसर फंस सकते हैं, इसलिए रिकॉर्ड इधर-उधर किए गए हैं।
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हो सकती है कार्रवाई
जिनके नाम पट्टा किया गया था, वे सभी शहर के पॉश इलाकों में रहते हैं। उनकी कई संपत्तियां भी हैं। अब जब जमीन वापस हो गई तब मामले की विस्तृत जांच हो सकती है। इसमें वे अफसर भी जद में आएंगे, जिनके समय में पट्टा किया गया था। सरोजनीनगर में डिफेंस कॉरिडोर घोटाला भी हुआ था। इसमें तमाम अफसर दोषी पाए गए थे।