सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर मारपीट करने और महिला न्यायिक अधिकारियों पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले 11 न्यायिक अफसरों की सेवा समाप्त करने का फैसला लिया गया है। यह प्रस्ताव स्वीकृति के लिए राज्यपाल को भेजा जाएगा।
राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद इनकी सेवाएं समाप्त हो जाएगी। इन अफसरों को सेवा से हटाने का फैसला हाईकोर्ट की फुलकोर्ट मीटिंग में सर्वसम्मति से लिया गया।
इससे पहले हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति इन ट्रेनी जजों को पहले ही निलंबित कर चुकी थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार तीन अपर निदेशकों का तबादला इस घटना के सही तथ्यों को सामने नहीं लाने पर किया गया था।
दोषी पाए गए सभी अफसर पीसीएस (जे) 2012 बैच के हैं और लखनऊ स्थित न्यायिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (जेटीआरआई) में प्रशिक्षण ले रहे थे।