डीजीपी मुख्यालय ने बताया है कि अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदेश के 29 जिलों में प्रदर्शन हुए थे। हर जिले में बलवाइयों को चिह्नित किया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश है कि बलवाइयों में कितने युवक फौज में जाने की तैयारी करने वाले हैं और कौन-कौन बाहरी है। पुलिस मुख्यालय ने जिलों के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि बलवाइयों की शिनाख्त व साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में पेश करें।
डीजीपी मुख्यालय से जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अब तक कुल 82 मुकदमे दर्ज कर 1562 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होने वालों में 1064 को शांति भंग की आशंका और 498 की अन्य धाराओं में गिरफ्तारी हुई है। सबसे अधिक 11 मुकदमे जौनपुर में दर्ज किए गए हैं।
वाराणसी व चंदौली में 9-9, अलीगढ़ में 6, मथुरा में 5, बलिया, मिर्जापुर व कानपुर देहात में 4-4, देवरिया व गाजीपुर में 3-3 और गोरखपुर, बस्ती, आगरा, हरदोई, अयोध्या में 2-2 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। संतकबीरनगर, गौतमबुद्धनगर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, सुल्तानपुर, मऊ, ललितपुर, फतेहगढ़, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, अंबेडकरनगर, गाजियाबाद और कन्नौज में भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं।