लखनऊ में कोरोना पॉजिटिव 75 साल की महिला की मौत हो गई। हालांकि जांच रिपोर्ट उसकी मौत के बाद आई और इससे पहले ही परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। इसके अलावा जीआरपी के आठ और आरपीएफ के एक सिपाही समेत 13 लोग और कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसमें दो महिला और 11 पुरुष हैं।
अब तक जीआरपी के 17 जवान कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। राजधानी में कुल मरीजों की संख्या अब 412 हो गई है, जबकि यहां के मूल निवासियों की संख्या 299 है। रविवार को आठ जीआरपी और एक आरपीएफ का सिपाही पॉजिटिव पाया गया है। पहले पॉजिटिव पाए गए आरपीएफ जवान के बेटा और बेटी में भी संक्रमण पाया गया है।
इसी तरह दो दिन पहले केजीएमयू के होल्डिंग एरिया में दम तोड़ने वाली गोलागंज निवासी महिला की बेटी भी पॉजिटिव पाई गई है। इसके अलावा एक निजी अस्पताल में दम तोड़ने वाली 75 साल की महिला की रिपोर्ट भी देर शाम पॉजिटिव पाई गई है। जबकि जानकीपुरम निवासी एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। युवक ने रेड क्रॉस स्थित नगरी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराई थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम इस युवक के बारे में जानकारी जुटा रही है।
अब तक जीआरपी के 17 जवान चपेट में
राजधानी में जीआरपी जवानों में संक्रमण की शुरुआत 24 मई को हुई थी। पहले दिन एक सिपाही पॉजिटिव आया था। उसके बाद 27 मई को 3 सिपाही, 28 मई को 5 जीआरपी और एक आरपीएफ सिपाही पॉजिटिव पाया गया था। अब रविवार को आठ जीआरपी और एक आरपीएफ सिपाही पॉजिटिव पाया गया है।
148 लोगों के लिए सैंपल, किया जागरूक
स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को विभिन्न इलाकों में 148 लोगों के सैंपल लेकर जांच को केजीएमयू भेजे हैं। इसी तरह विभाग की टीम ने पान दरीबा, दुर्गापुरी, बांसमंडी, चारबाग, कमला द्विवेदी आश्रम, अकबर हाता आदि क्षेत्रों में करीब 1422 परिवारों को जागरूक किया।
नवजात की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव
कोरोना पॉजिटिव मां के साथ रहने के बावजूद नवजात की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इससे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ खुश है। हालांकि, मां अभी भी संक्रमित हैं, लेकिन उसे पूरा विश्वास है कि उसका बच्चा कोरोना को जरूर मात देगा।
मालूम हो कि अयोध्या की रहने वाली गर्भवती बीते दिनों जांच कराने फातिमा अस्पताल गई थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे लोकबंधु में शिफ्ट कराया गया, जहां डॉ. सुरभि और उनकी टीम ने प्रसव कराया। अस्पताल सीएमएस डॉ. अमिता यादव ने बताया कि संक्रमित मां संग रहने के बावजूद बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। ये बेहतर नतीजा है।
निजी अस्पताल बंद
कैसरबाग के हॉटस्पॉट इलाके फूलबाग में ब्रेन हेमरेज से पीड़ित 75 वर्षीय वृद्धा जांच में कोरोना पॉजिटिव निकली, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। यही नहीं, परिजनों ने उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आनन-फानन गोलागंज के आलमाइटी हॉस्पिटल को सैनिटाइज करने के लिए 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया।
अस्पताल के कर्मचारियों व डॉक्टरों को क्वारंटीन कर दिया गया है। साथ ही वृद्धा के परिजनों के साथ अंतिम संस्कार में शामिल सभी लोगों की सूची तैयार कर क्वारंटीन करने के निर्देश दिए गए हैं और नमूने भी लिए जा रहे हैं। हॉस्पिटल संचालक आलोक सिंह ने बताया कि दो दिन पहले बुजुर्ग महिला को ब्रेन हेमरेज हुआ था।
परिजन उसे लेकर आए तो वृद्धा को अस्पताल के होल्डिंग एरिया में रखा और कोरोना जांच को नमूना निजी पैथालॉजी भेजा गया। रिपोर्ट आने में देरी होने पर परिजन महिला को घर ले गए, जहां कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गयी। बताते हैं कि कोरोना रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर ही 20 लोगों की उपस्थिति में महिला का अंतिम संस्कार कर दिया।