सीपीएमटी में भी सॉल्वर गैंग ने सेंध लगा दी। एसटीएफ ने लखनऊ के जियामऊ इलाके से इस गिरोह से जुड़े 12 लोगों को दबोचा है। इनमें से चार डॉक्टर हैं।
इनके पास से सीपीएमटी पेपर की जीरॉक्स कॉपी मिली है। एसटीएफ का कहना है कि जीरॉक्स कॉपी सीपीएमटी के ‘बी’ सीरीज से हूबहू मेल खा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि सीपीएमटी का प्रश्न-पत्र लीक कर अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूलने वाले गिरोह के लखनऊ में सक्रिय होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक त्रिवेणी सिंह को इस गिरोह की जानकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सोमवार को सूचना मिली कि जियामऊ में पराग एटीएम बूथ के पास स्थित एक मकान के कमरे में गिरोह से जुड़े लोग इकट्ठे हैं। ये लोग पेपर सॉल्व कर वायरलेस डिवाइस व पर्ची के माध्यम से विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संबंधित अभ्यर्थियों को पहुंचाएंगे।
दस साल से गिरोह कर रहा था काम
इसके बाद टीम ने धावा बोल सुबह करीब पौने ग्यारह बजे 12 को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. राजेश रंजन व डॉ. प्रफुल्ल चंद्र वैश्य हैं।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह दस साल से यह काम कर रहा था। गिरोह के लोग यूपी व अन्य प्रदेशों के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का सौदा करते।
इसके बाद परीक्षा प्रबंधन से साठगांठ कर पेपर हासिल करते और उसे सॉल्व कराकर संबंधित अभ्यर्थियों तक पहुंचाते। इनके तार परीक्षा माफिया बेदीराम से भी जुड़े हैं।
कार, लैपटॉप व मोबाईल सहित कई चीजें बरामद
- दो कार (स्विफ्ट वीडीआई व हुंडई वरना)
- तीन मोटरसाईकिल
- एक स्कूटी एक्टिवा
- 24 मोबाइल फोन
- तीन लैपटॉप
- दो डोंगल
- एक राउटर
- आठ बनियान, जिनमें ब्लू-टूथ डिवाईस लगी है
- दो बगिंग डिवाईस (कान मे लगाने वाली)
- बैंक की 12 चेक