मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में राजभवन पहुंचकर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मुलाकत कर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इसी के साथ प्रदेश में दोबारा सरकार गठन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यूपी चुनाव से ठीक पहले सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं चुनाव हारा हूं... हिम्मत नहीं। हमने जिन मुद्दों को उठाया वो अब भी मौजूद हैं। मैं आगे भी जनता के मुद्दे उठाता रहूंगा।
शुक्रवार की सुबह मुख्यमंत्री को बधाई देने के लिए उनके आवास पर भारी संख्या में नेता, विधायक अधिकारी व व्यापारी पहुंचे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके आगे के कार्यक्रमों के बारे में विचार-विमर्श किया। बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, राज्य संपत्ति अधिकारी डॉ. वीके सिंह और पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा संगठन के नेताओं का दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम हैं। प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात से लौटने के बाद सभी नेता दिल्ली जाएंगे और वहां पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री के शपथ लेने के कार्यक्रम के बारे फैसला लिया जाएगा। दिल्ली से लौटने के बाद विधायकों की बैठक में विधायक दल के नेता का चुनाव होगा और इसके बाद मुख्यमंत्री व मंत्रियों के शपथ ग्रहण के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी।
नई सरकार के गठन को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर चहल-पहल बढ़ गई है। राजभवन से लेकर सचिवालय तक के अधिकारियों का आना-जाना शुरू हो गया है। शाम को होने वाली कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री समेत पूरी कैबिनेट के इस्तीफे व नई सरकार के गठन को लेकर फैसला लिए जाने की संभावना है।
यूपी की मौजूदा योगी सरकार का कार्यकाल 15 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन विधानसभा का चुनाव परिणाम आ चुका है। इसलिए होली के पहले ही नई सरकार के गठन का काम पूरा किया जा सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्री पहले अपने पद से इस्तीफा पहले देंगे।
केंद्रीय मंत्री और अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ये भाजपा, अपना दल और निषाद पार्टी का साझा प्रयास था और एक साझी सफलता है। उत्तर प्रदेश में NDA की दूसरी बार वापसी हुई है, हम पहले से भी बेहतर काम करेंगे। हम से लोगों को अब और भी ज्यादा उम्मीदें हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर प्रचंड जीत हासिल की है। ब्रज की बात करें तो मथुरा और आगरा की सभी 14 विधानसभा सीटों पर भाजपा ने जीत का परचम लहराया है। आगरा में भाजपा की जीत का जश्न जारी है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर के बाहर आतिशबाजी कर भाजपा की जीत की कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। योगी मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए गए। बुलडोजर पर सवार होकर खंदारी चौराहे से कार्यकर्ता भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया के आवास पर पहुंचे।
लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा कि एक बेटी होने के नाते पिता के साथ खड़ा होना हमारा फर्ज़ भी था। पिताजी ने जो निर्णय लिया और जनता ने जो निर्णय लिया उन दोनों के निर्णय को मैं स्वीकार करती हूं।
स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी और भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने कहा कि हार और जीत जनता पर निर्भर करती है। कहीं कोई कमी रह गई होगी चाहे वो पिताजी हों या पार्टी के अन्य शीर्ष नेता हों। जिसके कारण हमें ये परिणाम देखने को मिला। पिताजी के प्रचार में मैं नहीं गई थी।
मेरठ जनपद में सरधना क्षेत्र के सलावा गांव में देर रात अनुसूचित जाति के लोगों के घरों पर हमला किया गया। यही नहीं घर में तोड़फोड़ भी की गई है। बताया गया कि चुनाव हारने से नाराज कुछ लोगों ने हमला किया है। बताया जा रहा है कि मतदान के दिन भी अनुसूचित जाति के लोगों को वोट डालने से रोका गया था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। यह क्षेत्र भाजपा नेता संगीत सोम का है जहां से वह चुनाव हार गए हैं।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार शाम को मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल की अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का आयोजन लखनऊ में शाम को पांच बजे होगा। बैठक में मंत्रिमंडल के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे।
यूपी में चुनाव नतीजों पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यह भाजपा का राज्य था, अब भी है, लेकिन अखिलेश की सीटें तीन गुना बढ़ी हैं। सपा 42 से 125 पर पहुंची है। मायावती व ओवैसी ने भाजपा की जीत में योगदान दिया, इसलिए उन्हें पद्म विभूषण व भारत रत्न देना चाहिए।
यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राजधानी लखनऊ में झटका खाकर भी भगवा फहराया है। 2017 के चुनाव में नौ में से आठ सीटें पाने वाली पार्टी को इस बार सात सीटें मिली हैं। खास बात यह है कि शहर की दो सीटों पर भाजपा को मात मिली है, लेकिन उसने पहली बार मोहनलालगंज में जीत दर्ज करने का भी रिकॉर्ड बनाया है। इसके साथ ही जिले की ग्रामीण क्षेत्र की सभी सीटों पर पहली बार जीत हासिल करने का तमगा भी उसे मिला है।
अखिलेश यादव ने जो ट्वीट किया है उसका आधार चुनाव परिणाम के बाद आए आंकड़े कह रहे हैं। समाजवादी पार्टी को 2017 के 21.82 प्रतिशत के मुकाबले इस बार उससे कहीं अधिक 32.03 प्रतिशत वोट मिले हैं और 111 सीटें जीती है। उसने राज्य में प्रमुख विपक्षी दल के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। वहीं भारतीय जनता पार्टी को 2017 के 39.67 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 41.38 प्रतिशत वोट मिले। इसके 2.13 प्रतिशत वोट बढ़े जरूरी, लेकिन सीटों की संख्या 312 से घट गई है। भारतीय जनता पार्टी इस बार 255 सीट ही जीत सकी है।
यूपी विधानसभा के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बयान दिया है। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को हमारी सीटें ढाई गुनी व मत प्रतिशत डेढ़ गुना बढ़ाने के लिए हार्दिक धन्यवाद! अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि हमने दिखा दिया है कि भाजपा की सीटों को घटाया जा सकता है। भाजपा का ये घटाव निरंतर जारी रहेगा।आधे से ज़्यादा भ्रम और छलावा दूर हो गया है बाकी कुछ दिनों में हो जाएगा। जनहित का संघर्ष जीतेगा!
मायावती ने कहा कि सबसे मजबूत यह बात रही कि मेरे समाज का दलित वर्ग मेरे साथ मजबूती से चट्टान की तरह खड़ा रहा जबकी दलित एक वर्ग दूसरी तरफ शिफ्ट हो गया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि मनोबल नहीं गिरने देना है सफलता एक दिन झक मारकर हमारे कदम चूमेगी। मायावती ने 1977 का कांग्रेस का उदाहरण दिया । वह सत्ता से बाहर हो गई थी लेकिन इसके बाद कांग्रेस ने दोबारा सत्ता में वापसी की इसी तरह से बसपा भी सत्ता वापसी करेगी। काडर के जरिए जनाधार को बढ़ाने का काम किया जाएगा।
मायावती ने लखनऊ में कहा कि अपर कास्ट और ओबीसी में भी यह डर था कि सपा के सत्ता में आते ही पूरी तरह से यहां अव्यवस्था हावी हो जाएगी। जंगलराज फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम जो बसपा पर भरोसा करते रहे हैं इस बार उनसे भूल हो गई। बसपा से भी भूल हुई। बसपा आगे अपनी रणनीति बदलेगी।
चुनाव में मिली करारी हार पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपनी सफाई पेश की है । उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में मुस्लिमों से भारी भूल हुई है क्योंकि उन्होंने भाजपा को रोकने के लिए सपा को वोट कर दिया और इसकी सजा बसपा को मिल गई। ठीक उसी तरह विभिन्न समाज का कास्ट का वोटर इसलिए भाजपा की तरफ शिफ्ट हो गया कि कहीं सपा की सरकार ना आ जाए और फिर से जंगलराज कायम ना हो जाए। इस सभी को समझना चाहिए था कि भाजपा की सरकार आने से यूपी में केवल बसपा ही रोक सकती है ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गठित होने वाली भाजपा की नई सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों पर दिल्ली में मोहर लगेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित अन्य नेता आज दिल्ली जा सकते है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के हाथ गुलाल तो सपा, बसपा और कांग्रेस को मलाल हाथ लगा। गुरुवार को ईवीएम खुलीं तो यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा गठबंधन ने न सिर्फ 273 सीटें जीतीं, बल्कि ऐतिहासिक जीत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज हाने का रिकॉर्ड भी रच दिया। सपा-रालोद गठबंधन को सीटें भले 125 मिलीं लेकिन भाजपा के लिए वे कोई चुनौती नहीं बन सके। बसपा और कांग्रेस की तो दुर्गति हो गई।