बुलंदशहर में ब्लैक आउट
बुलंदशहर में ब्लैक आउट के दौरान व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए तो कुछ व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों की लाइट बंद कर दी। शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक पूरे शहर में अंधेरा छाया रहा। केवल सड़कों पर वाहनों की लाइट जलती हुई दिखाई दी। इस दौरान सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट भी बंद रही। लोगों ने ब्लैक आउट के दौरान पूरा सहयोग किया। अधिकतर लोगों ने घरों की लाइट तक बंद कर दी।
वाराणसी में ब्लैक आउट, एयरपोर्ट पर 15 मिनट तक लाइटें बंद
वाराणसी एयरपोर्ट पर 15 मिनट तक ब्लैक आउट किया गया। सभी लाइटों को बंद कर आपातकालीन स्थिति के लिए अभ्यास किया गया। इस दाैरान लोगों को सुरक्षा उपायों के प्रति जानकारी दी गई।
एयर स्ट्राइक के बाद भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई चौकसी
पाकिस्तान में मंगलवार की रात आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। लखीमपुर खीरी जिले में एसएसबी व पुलिस टीमें नेपाल सीमा से सटे इलाकों में संयुक्त पेट्रोलिंग कर रही हैं। जंगल के रास्तों पर भी पैनी निगाह रखी जा रही है। नोमैंस लैंड पर भी कोई नेपाल की ओर से प्रवेश न कर सके इसकी जानकारी कर निगरानी की जा रही है।
आगरा में पाकिस्तान से तनाव के बीच मॉक ड्रिल
बल्केश्वर के गणेश राम नागर सरस्वती विद्या मंदिर में माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दाैरान विभिन्न विभाग के आला अधिकारी माैजूद रहे। कैडेट्स, सिविल डिफेंस के वालंटियर आदि को बताया गया कि किसी भी हमले की स्थिति में आम लोगों की रक्षा किस तरह करनी है। उन्हें कैसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना है।
पहलगाम में आतंकी हमले का जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया और आतंकियों के नौ ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। इसके बाद उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया गया है। यूपी डीजीपी के एक्स पर जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना द्वारा आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। यूपी पुलिस की सभी फील्ड इकाइयों को रक्षा बलों से समन्वय स्थापित करने एवं महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं। यूपी पुलिस सतर्क है, संसाधनों से लैस है और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जय हिन्द !
चित्रकूट में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बुधवार सुबह शहर के सीआईसी परिसर में मॉक ड्रिल किया गया। पुलिस का सायरन बजते ही पुलिसकर्मी एक्शन मोड में आ गए। युद्ध के हालात से निपटने की पूरी कार्रवाई पुलिसकर्मियों ने की। बम के धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट से शहरवासी डर गए। बाद में पता चला कि ये युद्ध का पूर्वाअभ्यास है तो राहत मिली। इस दौरान शहर की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस बल तैनात कर अभ्यास किया गया। शहर में पुलिस ने पैदल मार्च भी किया।
बुलंदशहर में जिला अस्पताल में मॉकड्रिल के दौरान आपात स्थिति से बचाव की विशेषज्ञों ने जानकारी दी। वहीं, बुगरासी, खुर्जा और अनूप शहर में मॉकड्रिल हुई। स्कूलों में भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कैसे बचें? इसके बारे में बताया गया।
उधर, पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने की खुशी में नगर के यमुनापुरम में श्री बालाजी निष्काम सेवा समिति के सदस्यों ने भंडारा वितरित किया।
पाकिस्तान से तनाव के बीच आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा के लिए बुधवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल की गई। इसके अलावा जिले में 100 जगहों पर सायरन बजाकर लोगों को सचेत किया गया। दमकल विभाग की गाड़ियां दौड़ती नजर आई। इस बीच थाने, पुलिस चौकी और जिला अस्पताल की इमरजेंसी में स्टाफ अलर्ट नजर आया। बुधवार रात 8:05 बजे ब्लैक आउट होगा। गृह मंत्रालय के आदेश पर मॉक डि्रल को लेकर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में तैयारियां की थी। जिले में थाने, चौकी और सार्वजनिक स्थानों पर 100 जगह पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगा गया था।
शहर में ब्लैक आउट के दौरान बुधवार को रात 09:30 से दस बजे तक शहर की एक लाख 35 हजार स्ट्रीट लाइटें बंद रहेंगी। इसके लिए नगर निगम के मार्ग प्रकाश विभाग ने तैयारी कर ली है। विभाग के मुख्य अभियंता आरके पाल ने बताया कि हालांकि, अभी तक प्रशासन की तरफ से लिखित आदेश नहीं आया है लेकिन विभाग इसके लिए तैयार है। आदेश आने के बाद तय समय पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर सभी स्ट्रीट लाइटें बंद कराई जाएंगी और समय पूरा होने पर इनके स्विच ऑन कराए जाएंगे।
ब्लैक आउट की अवधि के दौरान महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों जैसे ऑयल डिपो, खाद्यान्नों के बड़े गोदाम, विद्युत गृह, बैराज इत्यादि एवं इसी प्रकार के अन्य नागरिक सुविधा के आधारभूत ढांचे को इस प्रकार से ढंका जाएगा, जिससे उनकी पहचान न हो सके। साथ ही शासकीय भवन, निजी प्रतिष्ठानों के बाहर लगे साइन बोर्ड, फसाड लाइटें भी बंद रहेंगी।
रात 10 बजे ब्लैकआउट की अवधि समाप्त होने के बाद तीन मिनट का सायरन फिर बजाया जाएगा। इस बार बजाए गए सायरन की आवाज ऊंची-नीची नहीं होगी। एक निरंतर आवाज तीन मिनट तक बजेगी। इससे संकेत मिलेगा कि ब्लैकआउट की अवधि समाप्त हो गई है।
ब्लैकआउट के दौरान घर की लाइटों को बंद रखना होगा। इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि ब्लैक आउट के दौरान घर की लाइटों का प्रयोग इस तरह करना है कि रोशनी सड़क या घर से बाहर की तरफ न आए। शीशे आदि के दरवाजों पर परदा अथवा काले कागज लगा दें। यही नहीं ब्लैक आउट की अवधि के दौरान सायरन बजने पर अगर सड़क पर वाहन चला रहे हों तो गाड़ी को साइड खड़ी कर उसकी हेडलाइट बंद करनी होगी।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लैकआउट के लिए तैयारी शाम चार बजे सायरन बजाकर की जाएगी। रात साढ़े 9 बजे से 10 बजे तक हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली को चेक करने के लिए ब्लैकआउट ड्रिल को पूरा किया जाएगा। रात 9.30 बजे से तीन मिनट की अवधि तक जिले में नगर निगम की ओर से संचालित पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सिविल डिफेंस के हैंडहेल्ड सिस्टम व अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों की ओर से सायरन बजाया जाएगा। इसे सुरक्षा मानकों के अनुसार तीन मिनट की अवधि में हाई व लो पिच पर बजाया जाएगा।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ब्लैकआउट के लिए तैयारी शाम चार बजे सायरन बजाकर की जाएगी। रात साढ़े 9 बजे से 10 बजे तक हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली को चेक करने के लिए ब्लैकआउट ड्रिल को पूरा किया जाएगा। रात 9.30 बजे से तीन मिनट की अवधि तक जिले में नगर निगम की ओर से संचालित पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सिविल डिफेंस के हैंडहेल्ड सिस्टम व अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों की ओर से सायरन बजाया जाएगा। इसे सुरक्षा मानकों के अनुसार तीन मिनट की अवधि में हाई व लो पिच पर बजाया जाएगा।
मॉक ड्रिल की तैयारी के लिए सिविल डिफेंस के 183 वॉलंटियर्स लगाए गए हैं। कर्नलगंज, ट्रांसपोर्ट नगर और पनकी में बड़ी रेस्क्यू मॉकड्रिल की जाएगी। ब्लैकआउट से तीन मिनट पहले हर थाने में सायरन बजाया जाएगा, ताकि लोग सतर्क हो जाएं। इस दौरान लाइट की कटौती नहीं होगी, लोगों को खुद जागरूकता दिखानी होगी।
मॉक ड्रिल के दौरान पूरे शहर में रात 9.30 बजे से 10 बजे तक ब्लैक आउट किया जाएगा। किसी भी प्रकार की रोशनी जलाना सख्त मना रहेगा। इसमें घरों में लगे इन्वर्टर, मोबाइल की फ्लैश लाइट, वाहन लाइट और मोमबत्ती आदि शामिल हैं। जो भी व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
युद्ध के दौरान बचाव की मॉक ड्रिल के लिए बुधवार शाम चार बजे से सायरन बजाकर तैयारी शुरू हो जाएगी। शहर के 13 स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे। इसमें 10 स्थानों पर अग्नि सुरक्षा और तीन स्थानों पर रेस्क्यू मॉक ड्रिल होगा। साथ ही नागरिकों को यह बताया जाएगा कि सायरन सुनने के बाद उन्हें क्या करना है और कैसे सुरक्षित रहना है।
बता दें कि बीते दिनों सीएम योगी के निर्देश पर सभी जिलों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम को दुरुस्त किया गया था, जिसका फायदा मॉक ड्रिल में देखने को मिल सकता है। प्रदेश के सभी चौराहों पर लाउडस्पीकर के जरिए जनता को संभावित हमले के खतरों के बारे में आसानी से आगाह किया जा सकेगा, जिससे लोग तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जा सकेंगे।
इसकी वजह बुलंदशहर के नरौरा का परमाणु विद्युत संयंत्र है। इसके अलावा आगरा, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बख्शी का तालाब, मुगलसराय, सरसवां, बागपत और मुजफ्फरनगर में मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि डीजीपी ने वर्तमान हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी जिलों में इसे आयोजित करने का निर्देश दिया है। इस बाबत नागरिक सुरक्षा संगठन ने तैयारी शुरू कर दी है। इस दौरान एयर बॉर्न वार्निंग, ब्लैक आउट समेत कई ड्रिल की जाएंगी।
डीजी नागरिक सुरक्षा अभय कुमार प्रसाद ने बताया कि बुधवार को शाम 4 बजे और 7 बजे मॉक ड्रिल का आयोजन करने की तैयारी है। बता दें कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के 19 जिलों में मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया है, जिसमें बुलंदशहर सबसे संवेदनशील है।
युद्ध के दौरान हमलों से बचने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में आज मॉक ड्रिल होगी, जिसमें सायरन बजने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इस बाबत दिए गए निर्देशों के बाद डीजीपी प्रशांत कुमार ने पूरे प्रदेश में मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। नागरिक सुरक्षा संगठन के नेतृत्व में होने वाली इस कवायद में जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन सेवा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि सहयोग करेंगे।