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Happy Holi Wishes 2025: देश भर में होली की धूम, राशि अनुसार रंगों के साथ मनाएं होली

Fri, 14 Mar 2025 01:38 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Holi Wishes Quotes Live Updates in Hindi: 14 मार्च यानी आज रंगों के त्योहार होली के पूरे देश में धूम है। होली हर्षोल्लास का त्योहार है, जहां हर कोई रंगों, मिठाइयों और खुशी में डूबा है। इस दिन की विशेषता सिर्फ रंगों में ही नहीं, बल्कि एक और अद्भुत खगोलीय घटना में भी है – चंद्र ग्रहण । आज का दिन इसलिए और भी खास है क्योंकि ग्रहण के साथ कई विशेष योग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी शुभ और महत्वपूर्ण बना रहे हैं। 
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Holi 2025 Live - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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Holika Dahan Shubh Muhurat Time: फाल्गुन पूर्णिमा का दिन केवल होलिका दहन का समय नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक शुद्धि, शुभता और ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त करने का भी अवसर है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन अग्नि में समर्पित की गई बुरी शक्तियां समाप्त हो जाती हैं, और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। होलिका दहन से न केवल नकारात्मकता का नाश होता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और शांति भी आती है। हालांकि, यदि यह सही समय या विधि से न किया जाए, तो इसके अशुभ प्रभाव भी हो सकते हैं। इस बार होली पर चंद्र ग्रहण और होलिका दहन पर भद्रा का साया रहेगा। इस लाइव सेशन में हम आपको होलिका दहन के सही मुहूर्त, मंत्रों का जाप और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए विशेष उपायों के बारे में विस्तार से बताएंगे। 
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फाल्गुन पूर्णिमा तिथि (Phalguna Purnima Tithi)
  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे
  • फाल्गुन पूर्णिमा तिथि समाप्त: 14 मार्च 2025 को दोपहर 12:23 बजे

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2025 Shubh Muhurat)

भद्रा काल: 13 मार्च 2025 को सुबह 10:35 बजे से रात 11:26 बजे तक
होलिका दहन का शुभ मुहूर्त: वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त 13 मार्च को रात्रि 11 बजकर 26 मिनट से लेकर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। 
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा काल में होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है, इसलिए भद्रा समाप्ति के बाद ही दहन करना शुभ होता है।

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आज होलिका दहन पर भद्रा कब से कब तक 

कब तक रहेगी भद्रा? (Bhadra Timing on Holika Dahan)

भद्रा आरम्भ: मार्च 13, 2025, बृहस्पतिवार को प्रातः 10:35 बजे
भद्रा समाप्त: मार्च 13, 2025, बृहस्पतिवार को रात्रि 11:26  बजे

भद्रा पूँछ - सायं 06:57 से  रात्रि 08:14 तक 
भद्रा मुख - रात्रि 08:14 से रात्रि 10:22 तक 

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भद्रा काल में क्यों नहीं किया जाता होलिका दहन? (Why Holika Dahan is not done during Bhadra Kaal)

भद्रा का काल शुभ कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है, और इसलिए होलिका दहन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भद्रा काल में नहीं किया जाता। भद्रा का समय विशेष रूप से कर्क, सिंह, कुंभ और मीन राशियों में चंद्रमा के गोचर के दौरान होता है, जब भद्रा पृथ्वी लोक पर रहती है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन है, और उसका स्वभाव क्रोधी माना जाता है। ब्रह्माजी ने भद्रा को काल गणना के एक प्रमुख अंग विष्टी करण में स्थान दिया था ताकि उनके क्रोध को नियंत्रित किया जा सके। पंचांग में करणों की संख्या 11 होती है, जिसमें 7वां करण विष्टि कहलाता है, और इस समय को अशुभ माना जाता है। इसलिए इस काल में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य, उत्सव या शुभ कार्यों का आरंभ या समापन नहीं किया जाता।

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होलिका दहन कहां और किस दिशा में करें? (Holika Dahan Direction and Place)

  • होलिका दहन के लिए उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या पूर्व दिशा सबसे शुभ मानी जाती है।
  • यदि यह संभव न हो, तो होलिका दहन दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) को छोड़कर किसी भी दिशा में कर सकते हैं।
  • पूजा के दौरान मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।
  • होलिका दहन खुले स्थान में करना चाहिए, ताकि दहन की अग्नि सुरक्षित रूप से जल सके।
  • यदि संभव हो तो, पुराने होलिका दहन स्थल पर ही अग्नि प्रज्वलित करना शुभ माना जाता है।
  • मंदिर या पवित्र स्थान के समीप होलिका दहन करने से अधिक सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
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होलिका दहन पर दोस्तों और रिश्तेदारों को दे शुभकामनाएं (Holika Dahan 2025 Wishes)

जिस तरह होलिका हो गई थी जलकर राख
उसी तरह आपके जीवन के भी दूर हो जाएं
सारे दुख-दर्द, कष्ट और पाप
होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं
 
होली के इस त्यौहार पर
हमने हवा में रंग उड़ाया है।
आज कोई गम न करना
खुशियों का मौसम आया है।
होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं
 
आइए मिलकर हम सभी
होलिका की आग में जला दें
अपने मन की सारी बुराइयां
होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं

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धार्मिक दृष्टि से होलिका दहन का महत्व (Dharmik Importance of Holika Dahan)

पाप और नकारात्मक ऊर्जा का नाश
 होलिका दहन को नकारात्मक शक्तियों को खत्म करने और घर-परिवार में सुख-शांति लाने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन अग्नि में आहुति देने से नकारात्मक ऊर्जाओं, बुरी नजर और बुरी शक्तियों का नाश होता है। कई स्थानों पर लोग रोग, शत्रु और भय से मुक्ति के लिए विशेष पूजा करते हैं।

दैवीय कृपा और सुख-समृद्धि
 होलिका दहन से पहले की जाने वाली पूजा, मंत्रोच्चारण और आहुति से देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन गेहूं, चने और नारियल की आहुति देने से संपन्नता और समृद्धि आती है। होलिका दहन की राख (भस्म) को तिलक के रूप में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार को बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।

क्यों की जाती है होलिका की परिक्रमा ? (Holi Ki Parikrama)

होलिका दहन के समय लोग उसकी 7 बार परिक्रमा करते हैं और मौली (कच्चा सूत) बाँधते हैं। इससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

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होलिका दहन का ज्योतिषीय महत्व (Holika Dahan Ka Jyotishiya Mahatv)

यह पर्व फाल्गुन पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो ग्रह-नक्षत्रों को संतुलित करने के लिए शुभ मानी जाती है। इस दिन विशेष पूजा करने से शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।  मान्यता है कि इस दिन अग्नि में आहुति देने से वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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गोबर के उपलों (गुलरी) की माला होलिका दहन में क्यों चढ़ाई जाती है? (Why is Gulri mala offer to Holika)

होलिका दहन में गोबर के उपलों की माला, जिसे गुलरी की माला कहा जाता है, चढ़ाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसे शुद्धि, नकारात्मक ऊर्जा के नाश और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माला को होलिका पर चढ़ाने से परिवार पर कोई संकट नहीं आता और बुरी शक्तियाँ नष्ट हो जाती हैं।

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होलिका दहन से जुड़ी कथा (Pauranik Katha On Holika Dahan) 

होलिका दहन हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन की महिमा को दर्शाने वाली कई पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध कथा प्रह्लाद और होलिका की है।

प्रह्लाद और होलिका की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, असुर राज हिरण्यकश्यप को भगवान विष्णु से घोर द्वेष था। उसने कठोर तपस्या कर अमरत्व का वरदान प्राप्त करना चाहा, लेकिन उसे यह आशीर्वाद मिला कि वह न दिन में मरेगा, न रात में, न धरती पर, न आकाश में, न किसी मनुष्य के हाथों और न ही किसी शस्त्र से। इस वरदान के कारण वह अहंकारी हो गया और स्वयं को ईश्वर मानने लगा।
लेकिन हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का अनन्य भक्त था। उसने अपने पिता की अधर्मयुक्त नीतियों को मानने से इनकार कर दिया। इससे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के कई प्रयास किए, लेकिन हर बार वह बच गया।
आखिर में, हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की सहायता ली, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। योजना के तहत होलिका, प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ गई। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका स्वयं जलकर भस्म हो गई, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित बच गया।
इस घटना के बाद से ही होलिका दहन की परंपरा शुरू हुई, जो यह संदेश देती है कि अधर्म और अहंकार का अंत निश्चित है, और सच्ची भक्ति एवं श्रद्धा की हमेशा विजय होती है।

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बच्चों के सिर के ऊपर से होलिका की अग्नि सात बार क्यों घुमाई जाती है?

होलिका दहन के बाद उसकी अग्नि को बच्चों के सिर के ऊपर से सात बार घुमाने की परंपरा बुरी नजर, नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए की जाती है। यह परंपरा तंत्र-शास्त्र और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है, जिसमें होलिका की अग्नि को शुद्धिकरण और सुरक्षा का प्रतीक माना गया है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण देखें तो होलिका की अग्नि में हवन सामग्री, गोबर के उपले और गूलर की माला जलती है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है।  इसे सिर के ऊपर से घुमाने से बच्चे बीमारियों से बचे रहते हैं और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

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होलिका दहन की अग्नि में डालें ये चीजें

  • होलिका दहन में विभिन्न सामग्रियों का अर्पण करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। 
  • नारियल अर्पित करने से समृद्धि और बाधाएं दूर होती हैं। 
  • गेहूं और जौ की बालियां डालने से घर में अन्न की वृद्धि होती है और सुख-शांति बनी रहती है। 
  • काले तिल डालने से शनि दोष और राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। 
  • गूलर की लकड़ी डालने से आर्थिक तंगी दूर होती है और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। 
  • गोबर के उपले वातावरण को शुद्ध करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। 
  • लौंग और इलायची डालने से नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं। 
  • चंदन की लकड़ी रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति देती है। 
  • कपूर, लौंग और पान का पत्ता स्वास्थ्य समस्याओं को कम करते हैं और नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करते हैं। 
  • हवन सामग्री वैवाहिक जीवन में सुख और समझ बढ़ाती है। इन उपायों से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

होलिका दहन के लिए संपूर्ण पूजन सामग्री (Holika Pujan Samagri)

  • कच्चा सूती धागा
  • नारियल
  • गुलाल 
  • रोली 
  • अक्षत 
  • धूप 
  • फूल 
  • बताशे 
  • नया अनाज
  • मूंग की साबुत दाल 
  • हल्दी का टुकड़ा 
  • एक कटोरी पानी 
  • हवन सामग्री
  • गुड़
  • चावल
  • मिठाई
  • फल
  • गेहूं का आटा
  • पुष्प माला
  • गाय का घी
  • सरसों का तेल
  • मिट्टी का दीपक
  • गाय के गोबर के उपले 
  • गंगाजल 
  • कपूर 
  • अगरबत्ती

होलिका दहन के दौरान करें इन मंत्रों का जाप (Mantra Jaap On Holika Dahan)

सुरक्षा और समृद्धि के लिए मंत्र
असृक्पाभय संतस्त्रैः कृताः त्वं होलि बालिशैः.
अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव..

होलिका दहन में क्या क्या डालना चाहिए?

  • होलिका दहन की आग में सूखा नारियल डालना बहुत शुभ माना जाता है। 
  • होलिका दहन की अग्नि में अक्षत और ताजे फूल भी चढ़ाने चाहिए। 
  • होलिका दहन में साबुत मूंग की दाल, हल्दी और उपले डालने चाहिए। 
  • होलिका दहन में चांदी या तांबे के कलश से जल और गुलाल भी डालना चाहिए। 

होलिका दहन पर करें इन चीजों का दान

  • काले तिल का दान – शनि दोष, राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए काले तिल का दान किया जाता है।
  • नारियल का दान– नारियल को भगवान को अर्पित करके गरीबों में बांटना शुभ माना जाता है, जिससे समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है।
  • पानी और चावल का दान – पानी और चावल का दान जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने के लिए किया जाता है।
  • गेहूं और जौ का दान – गेहूं और जौ का दान करने से घर में अन्न की वृद्धि होती है और दरिद्रता दूर होती है।
  • गुड़ और तिल का दान – यह दान विशेष रूप से बुरी नजर से बचने और मनुष्य के जीवन में सुख-शांति बनाए रखने के लिए किया जाता है।

होलिका दहन के दिन हनुमान जी के इन मंत्रों का करें जाप

  • ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट
  • ॐ नमो भगवते हनुमते नमः
  • ॐ महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते. हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये। नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा।
  • ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।

होलिका दहन पर करें हनुमान जी की खास पूजा विधि (Puja Vidhi on Holika Dahan)

  • पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर लें। 
  • इसके बाद साफ वस्त्रों को धारण करें। 
  • अब पूजा के स्थान पर हनुमान जी को प्रणाम करें और उन्हें फूलों का हार, प्रसाद और चोला अर्पित करें।
  • इस दौरान उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल भी चढ़ाएं।
  • अब घी का दीपक प्रज्वलित करें।  
  • हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें।
  • हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रभु को लाल रंग का चंदन भी लगाएं। 
  • अंत में पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।

होलिका दहन 2025 पूजा मंत्र (Holika Dahan 2025 Puja Mantra)

  • ऊं नृसिंहाय नम:
  • अनेन अर्चनेन होलिकाधिष्ठातृदेवता प्रीयन्तां नमम्।।
  • वन्दितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्राणा शंकरेण च। अतस्त्वं पाहि नो देवि विभूतिः भूतिदा भव।।

रोग-दोष से मुक्ति के लिए होलिका दहन के दिन करें ये उपाय

होलिका दहन वाले दिन काले तिल की आहुति देने से रोग-दोष से मुक्ति मिलती है। वहीं, धन लाभ के लिए इलायची की आहुति दें। फिर होलिका की परिक्रमा करें। अंत में गलतियों के लिए माफी मांगे ऐसा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होगी।

होलिका दहन के दिन करें श्री नरसिंह चालीसा का पाठ


श्री नरसिंह चालीसा
मास वैशाख कृतिका युत हरण मही को भार ।

शुक्ल चतुर्दशी सोम दिन लियो नरसिंह अवतार ।।

धन्य तुम्हारो सिंह तनु, धन्य तुम्हारो नाम ।

तुमरे सुमरन से प्रभु , पूरन हो सब काम ।।

नरसिंह देव में सुमरों तोहि ,

धन बल विद्या दान दे मोहि ।।1।।

जय जय नरसिंह कृपाला

करो सदा भक्तन प्रतिपाला ।।२ ।।

विष्णु के अवतार दयाला

महाकाल कालन को काला ।।३ ।।

नाम अनेक तुम्हारो बखानो

अल्प बुद्धि में ना कछु जानों ।।४।।

हिरणाकुश नृप अति अभिमानी

तेहि के भार मही अकुलानी ।।५।।

हिरणाकुश कयाधू के जाये

नाम भक्त प्रहलाद कहाये ।।६।।

भक्त बना बिष्णु को दासा

पिता कियो मारन परसाया ।।७।।

अस्त्र-शस्त्र मारे भुज दण्डा

अग्निदाह कियो प्रचंडा ।।८।।

भक्त हेतु तुम लियो अवतारा

दुष्ट-दलन हरण महिभारा ।।९।।

तुम भक्तन के भक्त तुम्हारे

प्रह्लाद के प्राण पियारे ।।१०।।

प्रगट भये फाड़कर तुम खम्भा

देख दुष्ट-दल भये अचंभा ।।११।।

खड्ग जिह्व तनु सुंदर साजा

ऊर्ध्व केश महादष्ट्र विराजा ।।12।।

तप्त स्वर्ण सम बदन तुम्हारा

को वरने तुम्हरों विस्तारा ।।13।।

रूप चतुर्भुज बदन विशाला

नख जिह्वा है अति विकराला ।।14।।

स्वर्ण मुकुट बदन अति भारी

कानन कुंडल की छवि न्यारी ।।15।।

भक्त प्रहलाद को तुमने उबारा

हिरणा कुश खल क्षण मह मारा ।।१६।।

ब्रह्मा, बिष्णु तुम्हे नित ध्यावे

इंद्र महेश सदा मन लावे ।।१७।।

वेद पुराण तुम्हरो यश गावे

शेष शारदा पारन पावे ।।१८।।

जो नर धरो तुम्हरो ध्याना

ताको होय सदा कल्याना ।।१९।।

त्राहि-त्राहि प्रभु दुःख निवारो

भव बंधन प्रभु आप ही टारो ।।२०।।

नित्य जपे जो नाम तिहारा

दुःख व्याधि हो निस्तारा ।।२१।।

संतान-हीन जो जाप कराये

मन इच्छित सो नर सुत पावे ।।२२।।

बंध्या नारी सुसंतान को पावे

नर दरिद्र धनी होई जावे ।।२३।।

जो नरसिंह का जाप करावे

ताहि विपत्ति सपनें नही आवे ।।२४।।

जो कामना करे मन माही

सब निश्चय सो सिद्ध हुई जाही ।।२५।।

जीवन मैं जो कछु संकट होई

निश्चय नरसिंह सुमरे सोई ।।२६ ।।

रोग ग्रसित जो ध्यावे कोई

ताकि काया कंचन होई ।।२७।।

डाकिनी-शाकिनी प्रेत बेताला

ग्रह-व्याधि अरु यम विकराला ।।२८।।

प्रेत पिशाच सबे भय खाए

यम के दूत निकट नहीं आवे ।।२९।।

सुमर नाम व्याधि सब भागे

रोग-शोक कबहूं नही लागे ।।३०।।

जाको नजर दोष हो भाई

सो नरसिंह चालीसा गाई ।।३१।।

हटे नजर होवे कल्याना

बचन सत्य साखी भगवाना ।।३२।।

जो नर ध्यान तुम्हारो लावे

सो नर मन वांछित फल पावे ।।३३।।

बनवाए जो मंदिर ज्ञानी

हो जावे वह नर जग मानी ।।३४।।

नित-प्रति पाठ करे इक बारा

सो नर रहे तुम्हारा प्यारा ।।३५।।

नरसिंह चालीसा जो जन गावे

दुःख दरिद्र ताके निकट न आवे ।।३६।।

चालीसा जो नर पढ़े-पढ़ावे

सो नर जग में सब कुछ पावे ।।37।।

यह श्री नरसिंह चालीसा

पढ़े रंक होवे अवनीसा ।।३८।।

जो ध्यावे सो नर सुख पावे

ही विमुख बहु दुःख उठावे ।।३९।।

शिव स्वरूप है शरण तुम्हारी

हरो नाथ सब विपत्ति हमारी ।।४० ।।

चारों युग गायें तेरी महिमा अपरम्पार ।

निज भक्तनु के प्राण हित लियो जगत अवतार ।।

नरसिंह चालीसा जो पढ़े प्रेम मगन शत बार ।

उस घर आनंद रहे वैभव बढ़े अपार ।।

इति श्री नरसिंह चालीसा संपूर्णम

स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए होलिका दहन परकरें महामृत्युंजय मंत्र का जाप

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्.
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्..



 

होलिका दहन शुभ मुहूर्त (Holika Dahan Shubh Muhurat)

अभिजीत - दोपहर 12:07 से 12:55 तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02:25 से 03:25 तक
गोधुलि मुहूर्त -सायं  06:25 से 07:21 तक
निशीथ काल मुहूर्त - रात 11:42 से 12:26  तक

होलिका दहन शुभ मुहूर्त में ही क्यों करना चाहिए? (Holika Dahan 2025 LIVE)

होलिका दहन का मुहूर्त किसी अन्य त्यौहार के मुहूर्त से अधिक महत्वपूर्ण और आवश्यक है। यदि किसी अन्य त्यौहार की पूजा उपयुक्त समय पर न की जाए, तो व्यक्ति केवल पूजा के लाभ से वंचित रहता है, लेकिन होलिका दहन का समय यदि अनुपयुक्त हो तो यह दुर्भाग्य और पीड़ा का कारण बन सकता है। होलिका दहन के दौरान सही मुहूर्त का पालन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में शुभता का संचार होता है।

इसलिए, होलिका दहन को शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि हर व्यक्ति को इसका पूर्ण लाभ मिल सके और उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास हो।

होलिका दहन को किस-किस नामों से जाना जाता है?

होलिका दहन को हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में विभिन्न नामों से जाना जाता है। इसे होलिका दीपक और छोटी होली भी कहा जाता है। यह पर्व खासतौर पर सूर्यास्त के पश्चात, प्रदोष काल में, जब पूर्णिमा तिथि होती है, मनाया जाता है।
होलिका दहन का समय बहुत ही विशेष होता है, क्योंकि भद्रा, जो पूर्णिमा तिथि के पूर्वार्ध में होती है, के दौरान होलिका पूजा और दहन नहीं करना चाहिए। भद्रा काल में किए गए कार्यों को वर्जित माना जाता है, और धार्मिक दृष्टिकोण से यह शुभ नहीं होता। इसलिए, होलिका दहन को हमेशा भद्रा के समाप्त होने के बाद ही करना चाहिए ताकि यह शुभ और सकारात्मक फल दे।
 

होलिका दहन से जुड़ी अन्य पौराणिक कथाएं

शिव-पार्वती और कामदेव की कथा
इस दिन भगवान शिव ने कामदेव को भस्म किया था, जब उन्होंने शिवजी की साधना भंग करने का प्रयास किया था। इसलिए इस दिन को आध्यात्मिक तप और साधना का प्रतीक भी माना जाता है।
 
भगवान कृष्ण और पूतना वध
कहा जाता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने राक्षसी पूतना का वध किया था, जिसने उन्हें मारने का प्रयास किया था। इसलिए यह दिन बुराई के नाश और अच्छाई के प्रबल होने का प्रतीक भी है।

राशिनुसार होलिका में अर्पित करें ये सामग्री

कुंडली में मौजूद अशुभ ग्रहों के दोषों को दूर करने के लिए आज होलिका में अर्पित करें ये चीजें...
  • मेष राशि के जातक आज होलिका में काली मिर्च अर्पित करें।
  • वृषभ राशि के लोग सफेद चंदन अर्पित कर अपनी मानसिक चिंता को दूर कर सकते हैं।
  • मिथुन राशि के जातक होलिका में चने की दाल डालें।
  • कर्क राशि के जातक आज सौंफ अर्पित कर सकते हैं। 
  • सिंह राशि के जातकों को आज होलिका दहन पर जौ अर्पित करें।
  • कन्या राशि के लोग आज जायफल और काली मिर्च होलिका में डाल कर पूजा करें।

राशिनुसार होलिका में अर्पित करें ये सामग्री

  • तुला राशि के जातकों को गुड़ और हल्दी की गांठ अर्पित करना शुभ रहेगा।  
  • वृश्चिक राशि के लोगों को पीली सरसों को होलिका में आहुति देना शुभ रहेगा। 
  • धनु राशि के जातक आज रात्रि होलिका में चावल और गुड़ अर्पित करें।
  • मकर राशि के लोग आज 5 हल्दी की गांठ को होलिका में डालें।
  • कुंभ राशि के जातकों को उड़द की दाल अर्पित करना शुभ रहेगा। 
  • मीन राशि के जातक आज होलिका दहन में नमक और जीरा अर्पित करें। 

होलिका की राख के उपाय

अगर आपके जीवन में बराबर आर्थिक परेशानियाँ बनी रहती हैं, तो इस समस्या को दूर करने के लिए होली के दिन कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं:

गोमती चक्र और शिवलिंग का अभिषेक
यदि आपके व्यापार या नौकरी में बरकत नहीं हो रही है, तो 7 साबुत गोमती चक्र लेकर उन्हें गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद, होलिका दहन की रात में शिवलिंग का अभिषेक करते हुए उन गोमती चक्रों को अर्पित कर दें। यह उपाय आपके व्यवसाय में वृद्धि और सफलता के रास्ते खोलेगा।
घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और दीपक जलाएं
होली के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उसके ऊपर चौमुखा दीपक जलाएं। यह उपाय आपके घर में समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा, जिससे आर्थिक परेशानियाँ दूर हो सकती हैं।

होलिका दहन और हनुमान जी की विशेष पूजा का महत्व

होलिका दहन में कई दिनों पहले से एकत्रित लकड़ियों को जलाया जाता है और इसे विधि-विधान से पूजा जाता है। होलिका दहन के साथ-साथ इस दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान जी की पूजा-अर्चना भी की जाती है। मान्यता है कि होली के दिन भगवान हनुमान जी विशेष वरदान की मुद्रा में होते हैं।

ऐसे में, इस दिन हनुमान जी की आराधना को अत्यंत शुभ माना जाता है। यह पूजा हर तरह की कामनाओं को पूरी करने वाली मानी जाती है। लोग इस दिन भगवान हनुमान से अपने जीवन में सुख, समृद्धि, और सफलता की कामना करते हैं। हनुमान जी की पूजा से मानसिक शांति और शारीरिक बल भी मिलता है, और हर प्रकार की नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।

इसलिए, होली के दिन हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

होलिका दहन किन राशियों के लिए शुभ है?

मेष राशि:
होलिका दहन का समय आपके लिए बहुत शुभ रहेगा। यह दिन आपके जीवन में नयापन लाएगा और पुराने सभी दुख दूर होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और मानसिक शांति मिलेगी।

वृषभ राशि:
इस दिन आपकी किस्मत में परिवर्तन आएगा। होलिका दहन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा और आपके रिश्तों में सामंजस्य बनेगा। साथ ही, किसी लंबित कार्य में सफलता मिल सकती है।

कर्क राशि:
आपके लिए होलिका दहन का समय बेहद शुभ है। इस दिन किए गए उपाय आपके जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाएंगे। विशेष रूप से पारिवारिक जीवन में सुख मिलेगा।

सिंह राशि:
होलिका दहन से आपके लिए सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। यह दिन आपके लिए आर्थिक रूप से लाभकारी रहेगा, और आपकी मेहनत रंग लाएगी। पुराने रिश्तों में सुधार होगा।

वृश्चिक राशि:
यह दिन आपके लिए नए अवसरों और शुभ घटनाओं का संकेत है। व्यापार और नौकरी में उन्नति की संभावना है। होलिका दहन से आपके जीवन में समृद्धि और सफलता का वास होगा।

धनु राशि:
आपके लिए होलिका दहन का समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। यह दिन आपके लिए प्रेम और संबंधों में सुधार लाने वाला रहेगा। मानसिक शांति भी मिलेगी।

मीन राशि:
होलिका दहन के दिन आपके जीवन में खुशी और उन्नति का आगमन होगा। यह समय आपके लिए आत्मविश्वास और मनोबल को बढ़ाने वाला रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है।

Holika Dahan 2025 Puja Samagri: होलिका दहन की पूजा में जरूर रखें ये चीजें, नोट करें पूजा सामग्री लिस्ट

 

होलिका दहन के दिन महिलाएं ये काम बिल्कुल भी न करें (women avoid these things on Holika dahan)

होलिका दहन के दिन महिलाओं को कुछ खास कामों से बचना चाहिए ताकि दिन शुभ और सकारात्मक रहे:

  1. विवाद से बचें: इस दिन परिवार में या दूसरों के साथ कोई बहस या विवाद न करें। यह दिन सौहार्द और शांति बनाए रखने का है।

  2. निर्जला व्रत न रखें: होलिका दहन के दिन निर्जला व्रत रखने से बचें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। पानी का सेवन जरूर करें।

  3. नई शुरुआत न करें: होलिका दहन के दिन नए कामों या योजनाओं की शुरुआत करने से बचें। यह समय पुराने कार्यों को समाप्त करने और नकारात्मकता को दूर करने का है।

  4. अशुद्ध कार्य न करें: घर की सफाई और पवित्रता बनाए रखें, अशुद्ध कार्यों से बचें।

  5. नकारात्मक सोच से बचें: मानसिक शांति बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ दिन बिताएं।

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होलिका की अग्नि कौन प्रज्ज्वलित करता है?

होलिका दहन की आग आमतौर पर परिवार के प्रमुख व्यक्ति द्वारा लगाई जाती है। इसमें डाली जाने वाली चीजें हैं:

  • लकड़ियां – नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करने के लिए।
  • नारियल – समृद्धि और खुशहाली के लिए।
  • गेहूं और जौ – अन्न की वृद्धि के लिए।
  • गोबर के उपले – सकारात्मक ऊर्जा के लिए।
  • काले तिल – शनि दोष और बुरी नजर से बचाव के लिए।
  • गूलर की लकड़ी – आर्थिक समृद्धि के लिए।
  • चंदन – शांति और सकारात्मकता के लिए।

 

होलिका दहन के कुछ जरूरी नियम

समय और तिथि
होलिका दहन को प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में पूर्णिमा तिथि पर ही करना चाहिए।

होलिका पूजा

होलिका दहन से पहले होलिका पूजा का विशेष महत्व है।

विधान

होलिका पूजा करते समय, अपना मुँह पूर्व या उत्तर की ओर करके बैठें।

पूजन सामग्री

पूजन की थाली में रोली, पुष्प, माला, नारियल, कच्चा सूत, साबूत हल्दी, मूंग, गुलाल, पांच तरह के अनाज, गेहूं की बालियां और एक लोटा जल होना चाहिए।

परिक्रमा और सूत लपेटना

होलिका की सात परिक्रमा करके कच्चा सूत लपेटना शुभ होता है।

अर्घ्य देना

पूजन के बाद, होलिका को जल का अर्घ्य जरूर दें।

भद्रा काल

होलिका दहन भद्रा रहित काल में करना चाहिए, जो सूर्यास्त के बाद होता है।

होलिका की राख

होलिका दहन की राख को पवित्र माना जाता है।

राख से स्नान

होलिका दहन के अगले दिन, राख को पानी में मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है।

इन नियमों का पालन करने से होलिका दहन का प्रभाव शुभ और सकारात्मक होता है।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 2025 (Holika Dahan Time)

होलिका जलाने का शुभ मुहूर्त 13 मार्च 2025, गुरुवार की रात 11:26 बजे से लेकर 12:30 बजे तक रहेगा। इस समय को प्रदोष काल कहा जाता है, जो होलिका दहन के लिए अत्यंत शुभ है।

ध्यान रहे कि भद्रा सुबह 10:35 बजे से लेकर रात्रि 11:26 बजे तक रहेगी, और इस दौरान होलिका पूजा और दहन करना वर्जित माना जाता है। इसलिए, होलिका दहन का सही समय 11:26 बजे से ही शुरू होता है, जब भद्रा समाप्त हो जाती है।

इस समय के दौरान होलिका दहन करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है।

Holika dahan muhurat : होलिका दहन से पहले की पूजा विधि

  • पूजा सामग्री में रोली, चावल, पुष्प, नारियल, कच्चा सूत, हल्दी, गुलाल और पानी रखें।
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
  • होलिका को दीपक से पूजें और ध्यान से प्रणाम करें।
  • होलिका की सात परिक्रमा करें और कच्चा सूत लपेटें।
  • होलिका को जल अर्घ्य दें।
  • शुभ मुहूर्त में होलिका को जलाएं।
  • राख को घर लाकर पानी में मिलाकर स्नान करें।

Holika dahan muhurat 2025: शहर के अनुसार होलिका दहन का मुहूर्त

शहर समय
नई दिल्ली रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:30 तक 
नोएडा रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:29 तक 
गुरुग्राम रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:31 तक 
मुंबई रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:48 तक 
पुणे रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:44 तक 
कानपुर रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:44 तक 
कोलकाता रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:46 तक 
हैदराबाद रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:25 तक 
अहमदाबाद रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:49 तक 
चंडीगढ़ रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:32 तक
चेन्नई रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:18 तक
जयपुर रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:36 तक 
बेंगलुरु रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:29 तक 
मथुरा रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:28 तक 
फरीदाबाद  रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:30 तक
हरिद्वार रात 11:26 से 14 मार्च सुबह 12:26 तक

Holika Dahan Muhurat: होलिका दहन संपन्न

11:26 बजे के बाद जैसे ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शुरू हुआ, पूरे वातावरण में खुशी और उल्लास का माहौल छा गया। लोग अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार होलिका के पास पहुंचे और विधिपूर्वक पूजा अर्चना की। इसके बाद "जोगीरा" की धुनें गूंजने लगीं, और हर तरफ रंगों की छांव में नृत्य और गाने की धूम मच गई।

Holi 2025: होली की हार्दिक शुभकामनाएं

आज यानी 14 मार्च को होली है और यह त्योहार पूरे देशभर में बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जा रहा है। लोग एक दूसरे को रंग, पिचकारी और गुलाल लगाकर होली के त्योहार को बड़े ही उत्साह के साथ मना रहे हैं। होली हर्षोल्लास का त्योहार है, जहां हर कोई रंगों, मिठाइयों और खुशी में डूबा है। इस दिन की विशेषता सिर्फ रंगों में ही नहीं, बल्कि एक और अद्भुत खगोलीय घटना में भी है  चंद्र ग्रहण। आज का दिन इसलिए और भी खास है क्योंकि ग्रहण के साथ कई विशेष योग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी शुभ और महत्वपूर्ण बना रहे हैं। 

होली खेलने से पहले चढ़ाएं भगवान को गुलाल

शास्त्रों में होली खेलने से पहले अपने आराध्य देवता को गुलाल चढ़ाने की परंपरा है। ऐसे में होली खेलने से पहले भगवान को गुलाल अर्पित करें और उनका आशीर्वाद लेकर होली खेलने की मंडली में शामिल हों।

Happy Holi Wishes: होली की हार्दिक शुभकामनाएं

रंगों के त्योहार में सभी रंगों की हो बौछार,
ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका परिवार,
यही दुआ मांगी है भगवान से हमारी बार बार,
दिल से होली मुबारक हो आपको बार बार।
Wish u a Very Happy Holi 2025 

खुशियों से ना हो कोई दूरी,
रहे ना कोई ख्वाहिश अधूरी,
रंगो से भरे इस मौसम में,
रंगीन हो आपकी दुनिया पूरी।
होली की शुभकामनाएं
Happy Holi 2025 

गुझिया की तरह हमेशा मीठी रहे आपकी बोली
खुशियों से भरी रहे आपकी झोली
आपको और आपके परिवार को मेरी तरफ से
हैप्पी होली

चांद की चांदनी, अपनों का प्यार
सूरज की किरणें, खुशियों की बहार
मुबारक हो आपको होली का त्योहार
होली की हार्दिक शुभकामनाएं

Holi Wishes: रंग और पिचकारी है तैयार, आओ मनाएं होली का प्यार त्योहार.. इन संदेशों से अपनों को दें शुभकामनाएं

President Draupadi Murmu Wishes Happy Holi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दीं देशवासियों को होली की बधाई 

PM Narendra Modi Wish All Indians Happy Holi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी देशवासियों को होली की शुभकामनाएं दीं

Holi 2025 Wishes: योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीं होली की शुभकामनाएं

Telangana Holi Celebrations: हैदराबाद में लोगों ने नाच-गाकर और रंग खेलकर होली का त्योहार मनाया

Defence Minister Rajnath Singh Celebrates Holi at his Home

दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आवास पर आए लोगों के साथ होली खेली।
 

CM Yogi Adityanath Celebrates Holi IN Gorakhnath Mandir

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में अन्य लोगों के साथ शामिल हुए, जहां उन्होंने फाग गीत गाए और होली का त्योहार मनाया।
 

Varanasi Holi Celebration

उत्तर प्रदेश | वाराणसी में लोग रंगों का त्योहार होली मना रहे हैं, जो पूरे भारत में बड़े उत्साह और सद्भाव के साथ मनाया जा रहा है।
 

Lucky Zodiac Signs On Holi 2025 : होली पर इन राशियों पर बरसेगी कृपा

वृषभ राशि: होली के दिन मां लक्ष्मी की कृपा से आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी। कारोबार और निवेश में सफलता मिलेगी।

तुला राशि: करियर और आर्थिक समस्याओं में सुधार होगा। मां लक्ष्मी को नारियल और चावल की खीर अर्पित करने से लाभ होगा।

Holi 2025 Lucky Colours: राशि अनुसार रंगों के साथ मनाएं होली

  • मेष और वृश्चिक: पीला, नारंगी, लाल, गुलाबी और केसरिया रंग आपके लिए शुभ रहेंगे।
  • वृषभ और तुला: चमकीले रंग, सफेद, नीला और फिरोजी रंग आपके लिए भाग्यशाली होंगे।
  • कर्क: नारंगी, पीला और केसरिया रंग पहनकर होली खेलें।
  • मिथुन और कन्या: हरा रंग आपके लिए विशेष रूप से शुभ है।
  • सिंह: नारंगी, लाल और केसरिया रंगों से होली खेलें।
  • धनु और मीन: नारंगी, पीला और केसरिया रंग आपके लिए खास होंगे।
  • मकर और कुंभ: नीला, जामुनी, आसमानी और फिरोजी रंग शुभ साबित होंगे।

Holi 2025 With Laddu Gopal: लड्डू गोपाल के साथ होली कैसे खेलें:

  • स्वस्तिक बनाएं: एक थाली में स्वस्तिक बना कर लड्डू गोपाल को बिठाएं।
  • पुष्प अर्पित करें: उनके चरणों में फूल अर्पित करें।
  • गुलाल लगाएं: प्यार से लड्डू गोपाल को गुलाल लगाएं।
  • फूलों की होली: गुलाब की पंखुड़ियाँ बरसाते हुए फूलों की होली खेलें।

लड्डू गोपाल के लिए शुद्ध रंग चुनें

  • केवल हरे, गुलाबी, लाल और पीले रंग ही लड्डू गोपाल को लगाएं।
  • काले, नीले, ब्राउन जैसे रंग से बचें।
  • केमिकल वाले रंग से बचें और हर्बल रंग या गुलाल का ही इस्तेमाल करें।

Holi Celebration in Jaipur, Rajasthan

राजस्थान के जयपुर में स्थानीय लोगों के साथ-साथ होली मनाते हुए विदेशी पर्यटक

Foreign tourists celebrate Holi at Mumbai's Marine Drive

विदेशी पर्यटकों ने मुंबई के मरीन ड्राइव पर मनाई होली
 

Holi 2025 Celebrations in West Bengal

हावड़ा के घुसुरी स्थित श्री श्याम मंदिर में बड़ी संख्या में लोग होली मनाने के लिए एकत्रित हुए।
 

Precautions During Holi: होली खेलते समय सावधानियां

  • केमिकल रंगों से बचें, हर्बल या प्राकृतिक रंग इस्तेमाल करें।
  • आंखों और त्वचा की सुरक्षा के लिए चश्मा और ढीले कपड़े पहनें।
  • पानी की बचत करें, पर्यावरण का ध्यान रखें।
  • स्वास्थ्य का ध्यान रखें, एलर्जी से बचने के लिए त्वचा पर मॉइश्चराइज़र लगाएं।
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Holi Upay: होली के दिन दीये में गुलाल और 1 रुपए का सिक्का डालकर जलाने के लाभ:

  • आर्थिक समृद्धि: 1 रुपए का सिक्का दीये में डालने से घर में आर्थिक समृद्धि आती है और पैसों से संबंधित परेशानियां दूर होती हैं। यह देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक तरीका माना जाता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश: गुलाल को दीये में डालने से घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। गुलाल रंग का संबंध खुशी और समृद्धि से है, जिससे वातावरण में सौहार्द और प्रेम का माहौल बनता है।
  • रंगों का शुभ प्रभाव: होली रंगों का त्योहार है, और गुलाल को दीपक में डालने से रंगों का सकारात्मक प्रभाव घर में फैलता है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
  • परिवार में सुख-शांति: यह उपाय घर के वातावरण को शुद्ध करता है और परिवार के सभी सदस्य एक दूसरे के साथ खुश रहते हैं।
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