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Holi 2022 Celebration Live : होलिका दहन आज और रंगों वाली होली कल, भेजें अपने प्रियजनों को होली के शुभकामना संदेश

Thu, 17 Mar 2022 08:36 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Happy Holi 2022 Live Updates: आज होलिका दहन है फिर कल होली खेली जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि पर हर साल होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाई जाती है। इस वर्ष होली का त्योहार 5 शुभ योगों में मनाई जाएगी। वहीं आज होलिका दहन पर कई शुभ योग भी बन रहा है। होलिका दहन के दिन अग्निदेव की पूजा करते हुए इसमें अनाज और मिठाईयां अर्पित की जाती हैं।
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होली 2022 : होलिका दहन के दिन होली पूजन करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और हमें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Happy Holi 2022 Wishes Live: India Holi Celebration News, Holika Dahan Shubh Muhurat and Holi Shubhkamna Sandesh in Hindi: आज ( 17 मार्च 2022) होलिका दहन का त्योहार है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन और उसके दूसरे दिन होली खेलने का उत्सव धुलंडी मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान और उपवास करना,होलिका दहन के दिन अग्नि की पूजा करने से मनुष्य के सभी कष्टों का नाश होता है और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। होलिका दहन के दिन होली पूजन करने से महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और हमें सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

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आज रात होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 

आज होलिका दहन का पर्व है फिर उसके बाद होली खेली जाएगी। इस बार होलिका दहन पर कई तरह के शुभ योग बन रहे हैं लेकिन भद्रा का दोष होने से होलिका दहन शाम के बजाय रात को करना ज्यादा शुभ और फलदायक रहने वाला रहेगा। इस बार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर भद्रा काल दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से शुरू हो गया है जो रात के करीब 01 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। ऐसे में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात के 01 बजकर 22 मिनट के बाद रहेगा। हालांकि भद्रा पुंछा होने से 17 मार्च की रात को 09 बजकर 06 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 16 मिनट तक होलिका दहन किया जा सकता है। शास्त्रों में भद्रा पुंछा होने पर होलिका दहन करने का प्रावधान है। 
 

आज रात शुभ योग में होगी होलिका दहन

होली का त्योहार हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व होता है। हर साल होली के एक दिन पहले होलिका दहन की जाती है। ज्योतिषशास्त्र के कई जानकारों के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन पर कई शुभ राज योग का निर्माण होने जा रहा है। होलिका दहन के दिन गजकेसरी योग बन रहा है क्योंकि चंद्रमा पर वृहस्पति की द्दष्टि संबंध बन रहा है। इसके अलावा केदार और वरिष्ठ राजयोग का संयोग भी है। यह पहला ऐसा मौका है जब होलिका दहन के दिन ये तीन शुभ राजयोग एक साथ बन रहा है। इसके अलावा होलिका दहन पर शुक्र और शनि का मकर राशि में युति भी बन रही है। जिसके कारण इसका महत्व काफी बढ़ गया है।

होलिका दहन की रात को जरूर करें ये काम

होलिका दहन पर धन और सुख शांति के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। मान्यता है कि होलिका दहन के दिन किए गए कुछ उपाय से व्यक्ति की परेशानियां कम होता हैं और जीवन में सुख और समृद्धि आती है। होलिका दहन की रात को होलिका जलने के बाद उसकी राख को घर लाकर उसे घर के दक्षिण-पूर्व यानी आग्रेय दिशा में रखें। वास्तु के अनुसार ऐसा करने से घर पर मौजूद सभी तरह के वास्तु दोष खत्म हो जाते हैं।

होलिका दहन के लिए पूजा सामग्री

  1. गेहूं की बालियां
  2. उपले
  3. चने की बालियां
  4. मिठाई
  5. नारियल
  6. गुलाल और अबीर
  7. घी का दीपक
  8. तांबे के पात्र में जल
  9. कुमकुम और अक्षत
  10. कच्चा सूत और माला फूल

होलिका मंत्र- होलिका की परिक्रमा करते हुए जरूर पढ़ें यह मंत्र

‘असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिषै:। अतस्तवां पूजायिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव।।’ का उच्चारण करते हुए होलिका की सात परिक्रमा करें। इसी मंत्र के साथ होलिका को अर्ध्य भी दें।
 

होलिका दहन का महत्व 

होलिका दहन का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाने वाले त्योहार है। मान्यता है इस दिन होलिका दहन और पूजा करने से से घर और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इसके अलावा होलिका के दिन घर पर राख लाने से घर से सभी तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं खत्म हो जाती हैं। इस दिन होलिका दिन होलिका जलाने के लिए कई दिनों पहले से लकड़ियां, गोबर के उपले आदि एकत्रित किए जाते हैं फिर होलिका के शुभ मुहूर्त के मौके पर होलिका जलाई जाती है। यह बुराई के अंत का प्रतीक है इस कारण से इसका विशेष महत्व होता है।

होलिका दहन की रात करें बजरंगबली की आराधना 

होलिका दहन के दिन कई स्थानों पर भगवान हनुमान जी की विधिवत रूप से पूजा आराधना की जाती है। मान्यता है  कि भगवान हनुमान संकटमोचक है और भक्तों की पुकार को सुनकर उनके सभी कष्टों का निवारण करते हैं। होलिका दहन की रात्रि के समय भगवान हनुमान की पूजा विशेष फलदायी मानी गई है।

होलिका दहन के उपाय

- होलिका दहन के दौरान होलिका की 7 बार परिक्रमा जरूर करनी चाहिए।
- होलिका दहन पर सुख-समृद्धि और निरोगी रहने के लिए होलिका दहन की आग में हरी गेहूं की बालियां जरूर सेंके और उसे घर लाएं।
- होलिका की रात को सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। इस उपाय से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
- होलिका दहन पर भगवान विष्णु का जाप करते हुए मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें और सहस्त्रनाम का जाप करें।
- होलिका की राख को अपने घर लाकर उसे हर एक कोने में छिडकें।

होली के यह उपाय हैं बहुत कारकर

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5 बड़े शुभ योग में खेली जाएगी होली

इस साल 18 मार्च को होली का त्योहार बहुत ही शुभ योग में मनाई जा रही है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार होली पर वृद्धि योग,अमृत सिद्धि योग,सर्वार्थ सिद्धि योग,बुध-गुरु आदित्य योग और ध्रुव योग बनने जा रहे हैं। यह सभी योग बहुत ही शुभ और फलदायी मानी जाती है।
 

अपने मित्रों और सगे-सबंधियों का भेजें होली की शुभकामना संदेश

होली के पावन पर्व के मौके पर लोग एक दूसरों को होली की शुभकामनाएं संदेश भेजते हैं। कुछ ऐसे ही होली की शुभकामनाएं जरूर भेंजे।
रंगों का ये त्योहार, खुशियों की बहार लाए 
मीठी- मीठी गुझिया, जिंदगी में मिठास लाए 
होली का ये रंगीन पर्व, सबके लिए उल्लास लाए 
Happy Holi 2022 

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होलिका पूजन पर मिलता है भगवान हनुमानजी का आशीर्वाद

आज होलिका दहन है और फिर इसके बाद कल होली मनाई जाएगी। आज रात के समय भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा। हिंदू धर्म में होलिका दहन के दिन कुछ उपाय बहुत ही कारगर माना जाता है।होलिका दहन की रात को यदि पूरी श्रद्धा और भक्ति से हनुमान जी की पूजा और अर्चना की जाती है तो हर एक प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।

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होली की पौराणिक कथा

होली का त्योहार मुख्य रूप से विष्णु भक्त प्रह्राद से जुड़ी है। भक्त प्रह्लाद का जन्म राक्षस परिवार में हुआ था, परन्तु वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। भक्त प्रह्राद को आठ दिनों तक मारने के उद्देश्य से तरह के कष्ट दिए। नीचे पढ़ें होली की पौराणिक कथा

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होलिका दहन की पूजाविधि

होलिका दहन में होलिका और भक्त प्रह्लाद की पूजा की जाती है। सर्वप्रथम सभी देवताओं में  प्रथम पूज्य गणेश जी का स्मरण कर, जहां पूजा करनी हैं, उस स्थान पर गंगाजल छिड़क कर पवित्र कर लें।संभव हो तो होलिका दहन वाली सामग्री को अग्नि तत्व की दिशा दक्षिण-पूर्व में रखें। पूजा करते समय पूजा करने वाले व्यक्ति को होलिका के पास पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।पूजन के लिए ताम्बे के एक लोटे में जल, माला, रोली, चावल, गंध, फूल, कच्चा सूत, बताशे-गुड़, साबुत हल्दी, गुलाल, नारियल आदि का प्रयोग करना चाहिए।इसके बाद होलिका में गोबर से बने खिलौने व माला भी रखें।साथ में नई फसल के हरे चने की बालियां व गेहूं की बालियां आदि भी सामग्री के रूप में रख लें। अब कच्चे सूत को होलिका के चारों ओर तीन या सात बार लपेटना चाहिए।

होली पर करें ये उपाय

- शांति एवं आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए होली की अग्नि में घी में भिगोई हुई पांच लौंग,पांच बताशे और एक पान का पत्ता अवश्य चढ़ाना चाहिए,भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए होली की परिक्रमा करें ।
- कारोबार में वृद्धि के लिए होली के दिन अपने व्यावसायिक स्थल के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़कें और उस पर चौमुखा दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय माँ लक्ष्मी से धन हानि से बचने की प्रार्थना करें,फायदा होगा ।
- यदि आपके व्यापार या नौकरी में बरकत न हो रही हो,तो 7 साबुत गोमती चक्र लेकर उन्हें गंगाजल से शुद्ध करके होलिका दहन की रात में शिवलिंग का अभिषेक करते हुए अर्पित कर दें। ऐसा करने से आपको व्यापार में फायदा होगा और नौकरी में तरक्की के अवसर भी प्राप्त होंगे।
 

होलिका दहन के समय न करें ऐसी गलतियां

  • होलिका दहन करते समय भद्रारहित शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।
  • होलिका दहन करते समय शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
  • होलिका दहन में गंगाजल को पूजा सामग्री में अवश्य ही शामिल करें।
  • होलिका दहन में पूजा के बाद सात बार परिक्रमा जरूर करें। बिना परिक्रमा किए होलिका पूजन अधूरी मानी गई है।

 जानिए मेष, वृषभ और मिथुन राशि वाले किस रंग से खेले होली

मेष: इस राशि के जातक उत्साही होते हैं। इस बार होली के पर्व पर यदि आप लाल और गुलाबी रंग का इस्तेमाल करेंगे तो यह आपके लिए काफी भाग्यशाली रहेगा। 

वृषभ: वृषभ जातकों के लिए यदि कोई रंग सबसे अधिक अनुकूल है तो वह है हल्का नीला और आसमानी रंग। यह रंग उनमे सहजता प्रदान करता है और उनके जीवन में स्थिरता और सौहार्द लेकर आता है।

मिथुन: मिथुन राशि के जातक इस होली पर हल्के हरे रंग से खेल सकते हैं। वैसे नारंगी व गुलाबी रंग भी इनके लिये सही रहेंगे। ये रंग इनमें रोमांच,उत्साह और ऊर्जा का संचार तो करेंगे ही साथ ही समृद्धि लाने वाले भी साबित होंगे।

कर्क, सिंह और कन्या राशि वालों होली के दिन किस रंग का करें इस्तेमाल

कर्क: कर्क राशि के जातक भावुक होते हैं इसलिए इन्हें हल्का नीला,चांदी और सफेद रंग से होली का त्योहार मनाना चाहिए। इससे इन्हें शांति और धीरज मिलेगा।

सिंह: सिंह जातक काफी ऊर्जावान होते हैं,इनकी प्रचडंता को काबू में रखने के लिए महरुन रंग कारगर होगा। इसके अलावा सुनहरा और तांबा रंग भी इस अग्नि राशि के लिए अनुकूल हैं।

कन्या: आपके लिए गहरा हरा रंग काफी शुभ रहेगा। इस रंग के प्रयोग से आप अपने अंदर एक नई स्फूर्ति एक नए जोश को महसूस करेंगे।

 

भद्रा पुंछा में की जा सकती है होलिका दहन 

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार भद्रा होने के कारण शाम के समय होलिका दहन नहीं किया जाता सकता लेकिन कुछ पंडितों का मानना है कि भद्रा पुंछा के समय होलिका दहन किया जा सकता है। भद्रा पुंछा आज रात को 09 बजकर 06 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी जिसमें होलिका दहन किया जा सकता है। आपको बता दे आज भद्रा रात को 01 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगी। 
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तुला, वृश्चिक और धनु किस रंग से खेले होली


जानें तुला, वृश्चिक और धनु राशिवालों के लिए किस रंग से होली खेलना रहेगा शुभ

तुला: सफेद रंग के अलावा आप बैंगनी, भूरा और नीले रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अपने आपको धीर और संयमी बनाए रखने के लिए आप हल्के नीले रंग के वस्त्राभूषण धारण कर सकते हैं। 

वृश्चिक: गहरे लाल, महरून, और भूरे रंग से ही वृश्चिक रंग पर बेहतर प्रभाव रहेगा। उनमें से अधिक व्यक्तियों को गहरा लाल रंग चुनना चाहिए क्योंकि यह रंग उनके सशक्त व्यक्तित्व को उजागर करेगा।

धनु: पीला और संतरी रंग धनु राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहेगा इस होली पर क्योंकि इस राशि के जातक अति उत्साही होते हैं इसलिए यह रंग इनके लिए बहुत उपयोगी होंगे।
 

होली के शुभकामना संदेश

Happy Holi 2022 - फोटो : Amar Ujala
राधा का रंग और कान्हा की पिचकारी 
प्यार के रंग से रंग दो दुनिया सारी 
यह रंग ना जाने कोई जात ना कोई बोली 
मुबारक हो आपको रंगों भारी होली
होली की हार्दिक शुभकामनाएं 

होली के शुभकामना संदेश

Happy Holi 2022 - फोटो : iStock
रंगों की बहार 
पिचकारी की धार 
गुलाल की बौछार 
मुबारक हो आपको होली का त्योहार 
Happy Holi 2022 

Happy Holi 2022 

Happy Holi 2022 - फोटो : Amar Ujala
रंगों का ये त्योहार, खुशियों की बहार लाए 
मीठी- मीठी गुझिया, जिंदगी में मिठास लाए 
होली का ये रंगीन पर्व, सबके लिए उल्लास लाए 
Happy Holi 2022 
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होलिका दहन पर भद्रा का साया, जानिए कब है होलिका दहन मुहूर्त

Holika Dahan Muhurat Timing 2022: अब से कुछ ही घंटों के बाद होलिका दहन आरंभ हो जाएगा। इस बार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जिसके कारण होलिका दहन गोधूलिव बेला में नहीं किया जा सकेगा। ज्योतिष गणना के अनुसार आज भद्रा काल दोपहर करीब 1 बजकर 21 मिनट से शुरू हो गया है जो रात के करीब 01 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस दौरान बीच में भद्रा पुंछ काल रहेगा जोकि 09 बजकर 06 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 16 मिनट तक रहेगी जिसमें होलिका दहन किया जा सकता हैं। माना जाता है पुंछ काल में भद्रा का प्रभाव कम होता है। इस लिए इस समय अवधि में होलिका दहन करना सही रहेगा। शास्त्रों में भद्रा काल को शुभ नहीं माना जाता है।  रात को भद्रा काल के समाप्त होते ही होलिका दहन किया जा सकता है। भद्रा रात को 01 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगी। 
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