फिर पंचकूला पहुंचे कांग्रेस के बागी विधायक
क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के छह विधायक फिर से हरियाणा के पंचकूला पहुंच गए हैं। हरियाणा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले के साथ कड़ी सुरक्षा में लाया गया। इनमें राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, देवेंद्र भुट्टो, आईडी लखनपाल, रवि ठाकुर और चैतन्य शर्मा शामिल हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने सरकारी गाड़ी छोड़ी
मंत्रिमंडल से इस्तीफे के बाद विक्रमादित्य सिंह ने सरकारी गाड़ी को छोड़ दी है। वह अपनी निजी कार में विधानसभा से अपने आवास के लिए रवाना हुए।
सरकार नैतिक अधिकार खो चुकी: जयराम
हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा- यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। जहां तक मुझे जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी अपना इस्तीफा पेश कर दिया है या हो सकता है कि आलाकमान ने उनसे मांगा हो, मुझे पता नहीं है। जयराम ठाकुर ने कहा कि आज वही हुआ जिसकी हमें आशंका थी। हमने सुबह राज्यपाल से मुलाकात की थी और हमने कहा था कि बजट पास कराने के लिए कांग्रेस के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में वे भाजपा के विधायकों को निलंबित करेंगे... आज सदन में आते ही संसदीय कार्य मंत्री की ओर से प्रस्ताव लाया गया और 15 विधानसभा सदस्यों को निलंबित करने के लिए कहा गया। हमें मार्शल के माध्यम से बाहर जाने के लिए विवश किया गया, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सदन में निलंबन का प्रावधान तब होता है, जब हम सदन की कार्यवाही में बाधा डालें। हम चर्चा के लिए तैयार थे।
सदन में गतिरोध, बैठक नहीं हो पाई शुरू
विधानसभा सदन की बैठक शुरू नहीं हो पाई है। सदन में गतिरोध बना हुआ है। विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा ने भी नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से अनुरोध किया कि वे सदन से बाहर जाएं। लेकिन जयराम वह अपनी सीट से नहीं उठ रहे हैं। वहीं, सत्तापक्ष सदन में मौजूद है।
इन विधायकों को किया निलंबित
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार, हंसराज, जनकराम, बलवीर वर्मा, त्रिलोक जमवाल, सुरेंद्र शौरी, दीप राज, पूर्ण चंद, इंद्र सिंह गांधी, दलीप सिंह और रणधीर शर्मा समेत 15 भाजपा विधायक सदन की कार्यवाही से निलंबित किए गए हैं। लेकिन निलंबित किए जाने के बावजूद भी विधायक सदन में ही बैठे रहे। बाहर नहीं गए।
भावुक होकर रोने लगे विक्रमादित्य सिंह
पत्रकार वार्ता में विक्रमादित्य सिंह भावुक होकर रोने लगे। कहा कि वीरभद्र छह बार सीएम रहे, लेकिन रिज पर उनकी प्रतिमा के लिए जगह नहीं मिली। इससे आहत हूं। कहा कि जनता से चर्चा के बाद आगामी फैसला लूंगा और कहा कि राज्यपाल को इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्हें कई बार नीचा दिखाने की कोशिश की गई। हाल ही में घटी शिलान्यास पत्रिकाएं तोड़ने की घटना भी इसी से जुड़ी हुई है।