सुखासन-
- इस आसन को करने के लिए बच्चों को आराम से पैर फैलाकर बैठाएं।
- अब दायां पैर बायीं जांघ के नीचे और बायां पैर दायीं जांघ के नीचे रखें।
- शरीर को सीधा रखें और ध्यान की अवस्था में रहें।
सुखासन के फायदे-
इस आसन को करने से बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है। इसके साथ ही बच्चे शारीरिक रूप से भी मजबूत होते हैं और शरीर में फुर्ती आती है।
बालासन-
- इस आसन में शरीर की स्थिति गर्भ में पल रहे शिशु के समान हो जाती है। बालासन को अंग्रेजी में चाइल्ड पोज कहा जाता है।
- सबसे पहले घुटनों को मोड़कर बैठ जाएं।
- अपने टखनों और एड़ियों को आपस में जोड़ लें और घुटनों को बाहर की तरफ फैलाएं।
- अब सांस अंदर खींचकर आगे की ओर झुकें।
- जब पेट दोनों जांघों के बीच आ जाए तो सांस छोड़ दें।
- दोनों हाथों को सामने की तरफ रखें।
बच्चों के लिए बालासन के फायदे-
इस आसन को करने से मन शांत होता है और बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है। इसके अलावा इस आसन से पूरे शरीर में रक्तसंचार बेहतर होता है।
ताड़ासन-
- इस आसन को अंग्रेजी में माउंटेन पोज कहा जाता है।
- सबसे पहले खड़े हो जाएं और पैर के पंजों के बीच लगभग दस सेंटीमीटर की दूरी रखें।
- दोनों पैरों पर समान वजन रखें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर लें जाएं।
- शरीर को सीधा रखें और ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें।
ताड़ासन के फायदे-
इस आसन को करने से मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग होती है, जिससे बच्चे फिट बनते हैं।
इसके अलावा यह आसन बच्चों की लंबाई बढ़ाने में भी सहायक होता है