भेकासन
इस आसन में शरीर को पीछे की तरफ मोड़ा जाता है और शरीर को स्थिर रखने के लिए सीने पर प्रेशर पड़ता है। इस योगासन को करने के कई फायदे होते हैं। इस योगासन को करने से मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग है। जिससे मांसपेशियां मजबूत होने के साथ आपके शरीर का स्टेमिना बढ़ता है।
जानते हैं भेकासन करने का तरीका
- सबसे पहले एक समतल जगह पर मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
- अब धीरे-धीरे अपने सिर को ऊपर की ओर उठाएं।
- इस समय आपके शरीर के ऊपरी धड़ का भार आपकी कलाईयों पर रहेगा।
- अब अपने दाएं घुटने को धीरे-धीरे मोड़ें, इससे आपकी एड़ी नितंब के पास आ जाएगी।
- अब दोनों हाथों से अपने बाएं पैर को धीरे-धीरे मोड़ें।
- अब अपने हाथों से पैर के पंजों को इस तरह से पकड़े कि आपकी कोहनी आसमान की तरफ रहें।
- अपनी छाती को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं, लेकिन इसके लिए क्षमता से अधिक ताकत न लगाएं।
- इस अवस्था में 50 से 60 सेकेंड तक रहें।
- अब धीरे-धीरे शरीर को ढीला छोड़ते हुए पुनः पुरानी अवस्था में आ जाएं।
- अब कुछ क्षण पेट के बल ही विश्राम करें।
भेकासन करते समय रखें इन बातों का ध्यान
ये आसन थोड़ा सा कठिन होता है इसलिए इसे धीरे-धीरे अभ्यास करके ही किया जा सकता है। इस आसन को प्रातः करना अच्छा रहता है। यदि आपको इसे शाम के समय करना है तो ध्यान रखें कि ख़ाना खाने से 5/6 घंटे पहले ही ये आसन कर लें। इस बात का भी ध्यान रखें कि भेकासन करते समय आपका पेट खाली हो इसलिए भेकासन करने से पहले शौच आदि से निवृत्त हो जाएं। इस आसन को करते समय शुरुआत में ध्यान रखें कि मांसपेशियों पर अधिक दबाव डालने की कोशिश न करें। अगर आपको पेट से संबंधित कोई तकलीफ़ हो तो उस स्थिति में ये आसन न करें या फिर डॉक्टर की सलाह से ही करें।
मालासन
इस योगासन को करने से पेट और कमर की मांसपेशियों में खिंचाव होता है। इस आसन को रोजाना करने से पेट के दर्द, घुटनों, जोड़ों, और पीठ का तनाव कम होता है। इसी के साथ ये आसान पेट की चर्बी कम करने में भी मददगार साबित होता है। इसके अलावा कब्ज न गैस की समस्या से निजात दिलाने में भी ये आसन सहायक है। शुरुआत में इस आसन को अपनी क्षमता के हिसाब से करें, धीरे-धीरे अभ्यास करते हुए आप पूरी तरह से इस आसन को करने लगेंगे।